ढाका: बांग्लादेश में आज से एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत होने वाली है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के उत्तराधिकारी तारिक रहमान बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। पिछले सप्ताह हुएआम चुनावों में अपनी पार्टी को प्रचंड मिलने के बाद 60 वर्षीय रहमान सत्ता की कमान संभालने जा रहे हैं।
बांग्लादेश में इस बार शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन 'बंगभवन' के बजाय संसद परिसर के साउथ प्लाजा में आयोजित किया जाएगा। अब तक एक लंबे अर्से से 'बंगभवन'में शपथ ग्रहण की परंपरा रही है। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन आज दोपहर कैबिनेट के सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
जानकारी के मुताबिक सांसदों का शपथ ग्रहण सुबह 10:00 बजे होगा, जिसके बाद शाम 4:00 बजे मुख्य कैबिनेट का शपथ ग्रहण समारोह शुरू होगा। इससे पहले सुबह 11:30 बजे संसदीय दल के नेता के चुनाव के लिए बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की बैठक बुलाई गई है।
इस शपथ ग्रहण समारोह में कई देशों के प्रतिनिधियों के साथ ही कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है। भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिस्री और लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह के भी शामिल होने की संभावना है।
दरअसल, अगस्त 2024 में शेख हसीना की अगुवाई वाली सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश में एक अस्थिरता का दौर शुरू हुआ। फिर 12 फरवरी को 13वें संसदीय चुनाव संपन्न हुए। इन चुनावों में 59.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था। इस चुनाव में तारिक रहमान की बीएनपी ने 297 में से 209 सीटें जीती हैं, जबकि दक्षिणपंथी जमात-ए-इस्लामी ने 68 सीटें हासिल की हैं।
1991 के बाद तारिक रहमान बांग्लादेश के पहले पुरुष प्रधानमंत्री होंगे। क्योंकि पिछले तीन दशक से वहां की सत्ता कभी बेगम खालिदा जिया तो कभी शेख हसीना के पास रही है। रहमान अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस की जगह लेंगे। यूनुस के कार्यकाल में भारत और बांग्लादेश के संबंधों में काफी उतार-चढ़ाव आए। लेकिन अब दुनिया की नजरें तारिक रहमान की विदेश नीति पर टिकी है। देखना है कि वे भारत के साथ अपने संबंधों में सुधार की दिशा में कैसी पहल करते हैं।
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