नई दिल्ली: रविदास जयंती पूरे भारत में पूरी श्रद्धा के साथ मनाई जाती है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस दिन एक अहम कार्यक्रम है। वे रविदास जयंती के मौके पर एक फरवरी को पंजाब के डेरा सचखंड बल्लान का दौरा करेंगे। इस दौरान वे संत निरंजन दास जी से भी बातचीत करेंगे। संत निरंजन दास को हाल ही में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। पीएम मोदी ने 2019 में संत निरंजन दास जी की मौजूदगी में काशी में रविदास जयंती मनाई थी।
सियासी तौर पर क्यों अहम है डेरा सचखंड बल्लान?
डेरा सचखंड बल्लान में चुनाव के मौसम में काफी अहम हो जाता है। यह पंजाब के दोआबा बेल्ट के बीच में रविदासिया समुदाय का एक पंथ है। जालंधर के पास बल्लान गांव में स्थित इस डेरा को बड़ी संख्या में दलित अनुयायियों का समर्थन हासिल है। जो कि इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण वोट बैंक है। बता दें कि पंजाब में दलित आबादी 32% है, जो सभी राज्यों में सबसे ज़्यादा है। यहां अनुसूचित जाति की एक बड़ी आबादी दोआबा में रहती है, जो यहां की आबादी का 45% है। पंजाब विधानसभा की 117 सीटों में से 23 सीट दोआबा क्षेत्र में पड़ती हैं और करीब 19 सीटों पर इस डेरा का प्रभाव है।

संत रविदास के नाम पर होगा आदमपुर एयरपोर्ट का नाम
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस दौरे में हलवारा हवाई अड्डे के सिविल टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे और आदमपुर हवाई अड्डे का नाम संत रविदास के नाम पर रखेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया, ‘‘संत गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती के शुभ अवसर पर आदमपुर हवाई अड्डे का नामकरण इस पूजनीय संत और समाज सुधारक को श्रद्धांजलि है, जिनकी समानता, करुणा और मानवीय गरिमा की शिक्षाएं भारत के सामाजिक मूल्यों को प्रेरित करती रहती हैं।’’
लुधियाना जिले में स्थित हलवारा, रणनीतिक रूप से भारतीय वायुसेना का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। अब यहां विकसित किया गया नया ‘सिविल एन्क्लेव’ न केवल लुधियाना बल्कि आसपास के औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों के लिए विकास के नए द्वार खोलेगा। लुधियाना के पुराने एयरपोर्ट पर रनवे छोटा होने के कारण यहां केवल छोटे विमानों का आवागमन ही संभव था। यात्रियों की सुविधा और औद्योगिक जरूरतों को देखते हुए, हलवारा में रनवे की लंबाई बढ़ाई गई है। अब यहां ए 320 जैसे बड़े और आधुनिक वाणिज्यिक विमान आसानी से उड़ान भर सकेंगे, जिससे क्षेत्र की एयर कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी सुधार आएगा।