केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 (रविवार) को अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करने जा रही हैं। यह बजट दुनिया की सबसे तेज़ बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था भारत के लिए महत्वपूर्ण होगा, जहां कस्टम्स सुधार, फिस्कल कंसॉलिडेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर पुश जैसे मुद्दों पर खास फोकस रहेगा। वित्त मंत्री ने 2019 में अपने पहले बजट में पारंपरिक चमड़े के ब्रीफकेस की जगह लाल कपड़े में लिपटी 'बही-खाता' अपनाकर नई परंपरा शुरू की थी। पिछले कई वर्षों की तरह यह बजट भी पूरी तरह पेपरलेस होगा।
प्रमुख आंकड़े जो हैं बेहद अहम
बजट पेश होने से पहले बाजार, निवेशक और अर्थशास्त्रियों की नजर इन मुख्य आर्थिक आंकड़ों पर टिकी है:
राजकोषीय घाटा
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4% लक्षित है (कुछ अनुमानों में इसे 4.3% तक हासिल करने की संभावना)।
वित्त वर्ष 2026 में 4.5% से नीचे लक्ष्य हासिल करने के बाद अब फोकस वित्त वर्ष 2027 के लिए और कटौती पर है।
बाजार की उम्मीद: सरकार वित्त वर्ष 2027 के लिए 4.0% से 4.4% के बीच घाटा लक्ष्य घोषित कर सकती है, साथ ही कर्ज से GDP अनुपात घटाने की स्पष्ट रणनीति दे सकती है।
पूंजीगत व्यय
FY26 के लिए कैपेक्स 11.2 लाख करोड़ रुपये निर्धारित है।
अगले बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर बरकरार रखने की संभावना मजबूत है।
अनुमान: कैपेक्स में 10-15% या उससे अधिक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे यह 12 लाख करोड़ रुपये या इससे ज्यादा पहुंच सकता है।
वेतन संशोधन FY28 में प्रस्तावित होने से फिलहाल कैपेक्स बढ़ाने की गुंजाइश बनी हुई है, जो निजी निवेश को भी प्रोत्साहन देगा।
कर्ज़ घटाने की रूपरेखा
2024-25 बजट में घोषणा की गई थी कि 2026-27 से कर्ज़ GDP अनुपात घटते रास्ते पर रहेगा।
2024 में कुल सरकारी कर्ज़ GDP का 85% था (केंद्र का हिस्सा 57%)।
बाजार उत्सुक है: सरकार FY27 के बाद कर्ज़ घटाने की समय-सीमा और रणनीति क्या पेश करती है? लक्ष्य 2030-31 तक 50% (±1%) तक पहुंचने का है।
उधारी
FY26 में सकल उधारी 14.80 लाख करोड़ रुपये निर्धारित है।
यह आंकड़ा राजकोषीय घाटे को पूरा करने, राजस्व संग्रह और गैर-कर आय की स्थिति का संकेत देता है।
बाजार के लिए अहम: उधारी का स्तर और उसकी संरचना (बॉन्ड मार्केट पर असर)।
कर राजस्व
FY26 में सकल कर राजस्व 42.70 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है (FY25 से ~11% वृद्धि)। इसमें प्रत्यक्ष कर (आयकर + कॉर्पोरेट टैक्स): 25.20 लाख करोड़ रुपये, अप्रत्यक्ष कर (GST, कस्टम्स, एक्साइज): 17.50 लाख करोड़ रुपये, FY27 के लिए कर उछाल और कस्टम्स सुधारों पर विशेष ध्यान रहेगा।
जीएसटी संग्रह
FY26 में जीएसटी 11.78 लाख करोड़ रुपये अनुमानित (11% वृद्धि)।
सितंबर 2025 से टैक्स दर कटौती (GST 2.0) के बाद FY27 में संग्रह में तेजी की उम्मीद।
यह राजस्व का बड़ा हिस्सा है, इसलिए इसका अनुमान महत्वपूर्ण।
नाममात्र GDP
FY26 के लिए मूल अनुमान 10.1% था, लेकिन महंगाई कम रहने से NSO ने इसे 8.0% कर दिया (वास्तविक GDP वृद्धि 7.4%)।
FY27 के लिए सरकार 10.5-11% नाममात्र GDP वृद्धि का अनुमान पेश कर सकती है, जो महंगाई और विकास के रुझान का संकेत देगा।
अन्य प्रमुख फोकस क्षेत्र सामाजिक क्षेत्र
स्वास्थ्य, शिक्षा और GRAM G जैसी योजनाओं पर आवंटन।
क्षेत्रीय प्राथमिकताएं: रक्षा, रिन्यूएबल एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग, एमएसएमई, रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास।
कुल मिलाकर, यह बजट विकास और फिस्कल अनुशासन के बीच संतुलन बनाने वाला होगा, जहां कैपेक्स पुश जारी रहेगा लेकिन घाटा नियंत्रण पर सख्ती बनी रहेगी।



































