बेंगलुरु में कॉन्फिडेंट ग्रुप के चेयरमैन सीजे रॉय ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उनकी मौत को लेकर कई तरह की बातें सामने आई हैं। अब डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा है कि इस मौत की हाई लेवल जांच कराई जाएगी।
बेंगलुरू से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। कॉन्फिडेंस ग्रुप के चेयरमैन सीजे रॉय ने खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया है। कौन थे सीजे रॉय, आत्महत्या की क्या वजह आई सामने? जानें डिटेल्स...
जानकारों का कहना है कि इसका मुख्य कारण टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा कड़ी जांच है। जानकारों का यह भी कहना है कि रिफंड में देरी सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्ट टैक्सेजज (सीबीडीटी) द्वारा शुरू की गई NUDGE पहल के दूसरे फेज के कारण हो रही है।
डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई टैक्सपेयर कानून के अनुरूप सही कटौती या छूट का दावा कर रहा है तो उसे कोई और कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है।
देशभर में लाखों टैक्सपेयर्स पिछले कई महीनों से अपने ITR रिफंड का इंतजार कर रहे हैं। सितंबर 16 की समय-सीमा बीतने के बाद ज्यादातर रिटर्न प्रोसेस हो चुके हैं, लेकिन एक बड़ा वर्ग अब भी रिफंड के अपडेट का इंतजार कर रहा है।
एसएमएस और ईमेल में टैक्सपेयर्स से 31 दिसंबर 2025 से पहले ITR को रिव्यू और रिवाइज करने की सलाह दी जा रही है, ताकि सजा से बचा जा सके।
बदलावों में आधार-पैन लिंकिंग से लेकर आयकर रिटर्न फाइलिंग और बीएसई इंडेक्स में फेरबदल जैसे अहम फैसले शामिल हैं। एनपीएस से यूपीएस में स्विच करने का ऑप्शन 1 दिसंबर से खत्म हो गया है।
टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। इनकम टैक्स विभाग ने ऑडिटेड केस और कॉरपोरेट्स के लिए ITR फाइलिंग की आखिरी तारीख आगे बढ़ा दी है। जो टैक्सपेयर्स हर साल डेडलाइन के तनाव में रहते हैं, उनके लिए यह फैसला किसी राहत से कम नहीं है।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस तिथि को आगे बढ़ाते हुए आईटीआर फाइल करने वाले टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है। इससे ऐसे लोग जो 15 सितंबर को चूक गए थे, उन्हें एक मौका मिल गया है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्सपेयर्स की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन को 31 जुलाई, 2025 से बढ़ाकर 15 सितंबर, 2025 कर दिया था।
टैक्सपेयर्स की शिकायतों पर जवाब देते हुए डिपार्टमेंट ने कहा है कि पोर्टल ठीक काम कर रहा है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अपने जवाब में कहा, ''कृपया अपना ब्राउजर क्लियर करें या किसी दूसरे ब्राउजर से ई-फाइलिंग पोर्टल पर पहुंचने की कोशिश करें।''
आयकर रिटर्न फाइलिंग असेसमेंट ईयर 2025-26 की डेडलाइन 15 सितंबर है। अगर आपने ITR 2025 की अंतिम तिथि तक रिटर्न फाइल नहीं किया, तो न सिर्फ जुर्माना भरना पड़ेगा, बल्कि आप कई अहम टैक्स लाभों से भी वंचित रह जाएंगे।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की पोस्ट में कहा गया है कि आईटीआर फाइलिंग, टैक्स भुगतान और अन्य संबंधित सेवाओं के लिए टैक्सपेयर्स की मदद के लिए हेल्पडेस्क चौबीसों घंटे काम कर रहा है और विभाग अन्य माध्यम से भी सहायता प्रदान कर रहा है।
कई टैक्सपेयर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने सरकार से एक और एक्सटेंशन की मांग शुरू कर दी है। उन्होंने बढ़ते लॉगिन ट्रैफिक और तकनीकी दिक्कतों को इसकी वजह बताई है।
अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख चूक जाते हैं, तो इसका सबसे पहला और सीधा असर आयकर की धारा 234F के तहत लगने वाले पेनाल्टी चार्ज के तौर पर फेस करना होता है।
आयकर विभाग ने 13 फरवरी 2025 से ही नए नियमों और फॉर्म्स पर काम शुरू कर दिया था। एक Rules & Forms कमेटी बनाई गई है, जो पुराने नियमों की समीक्षा और सुधार पर काम कर रही है।
टैक्सबडी का ये प्लेटफॉर्म टैक्सपेयर्स की सभी कंफ्यूजन को दूर करते हुए आईटीआर फाइल करने में मदद करेगा।
आईटीआर दाखिल करना एक ऐसा फॉर्म है जिसमें आप किसी विशेष वित्तीय वर्ष के लिए अपनी आय का विवरण, अन्य आय पर देय कर, कटौतियों और छूटों की घोषणा करते हैं। टैक्स योग्य आय या मूल छूट सीमा से अधिक आय वाले व्यक्तियों को हर साल नियत तिथि से पहले अनिवार्य रूप से आईटीआर दाखिल करना होता है।
Income Tax Return: चाहे आप ऑनलाइन रिटर्न दाखिल कर रहे हों या डाक द्वारा, टैक्स दाखिल करना अक्सर आखिरी समय की प्रक्रिया होती है जिससे महत्वपूर्ण जानकारी छूट सकती है या गलतियां हो सकती हैं।
आप सैलरीड व्यक्ति हों, फ्रीलांसर, व्यापारी या फिर पेंशनभोगी – हर कैटेगरी के लिए अलग-अलग फॉर्म तय हैं। ऐसे में आपको आईटीआर फाइल करने के लिए एक सही फॉर्म की जानकारी होनी बहुत जरूरी है।
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