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8 करोड़ में बनी 'दृश्यम' से तगड़ी सस्पेंस थ्रिलर, जीते 3 नेशनल अवॉर्ड, 100 करोड़ी फिल्म से चमकी हीरोइन की किस्मत, बनी सुपरस्टार

 Written By: Jaya Dwivedie @JDwivedie
 Published : May 11, 2026 08:51 am IST,  Updated : May 11, 2026 08:51 am IST

साल 2012 में एक शानदार फिल्म रिलीज हुई, जिसकी कहानी ने दृश्यम से भी ज्यादा सस्पेंस था, फिल्म के क्लाइमेक्स में आए ट्विस्ट ने सभी को चौंका दिया था। फिल्म सिर्फ 8 करोड़ के बजट में बनी थी और 100 करोड़ पार कमाई की। 3 नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली फिल्म की हीरोइन भी सुपरस्टार बन गई।

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फिल्म के ट्रेलर से लिया गया एक सीन। Image Source : STILL FROM TRAILER

भारतीय सिनेमा के इतिहास में ऐसी कई फिल्में आई हैं जिन्होंने बॉक्स ऑफिस के पुराने समीकरणों को पूरी तरह से बदल कर रख दिया। पहले माना जाता था कि सफलता के लिए बड़ा बजट, विदेशी लोकेशन्स और बड़े सितारों का होना जरूरी है, लेकिन साल 2012 में रिलीज हुई  एक सस्पेंस थ्रिलर फिल्म ने इस सोच को आइना दिखाया। इस फिल्म को IMDb पर 8.1 की रेटिंग मिली है, इतना ही नहीं फिल्म ने रिकॉर्डतोड़ कमाई के साथ ही 3 नेशनल अवॉर्ड अपने नाम किए और ये साफ कर दिया कि तगड़ी कमाई ही नहीं कहानी भी असर छोड़ने वाली है। आज ये फिल्म कल्ट क्लासिक सिनेमा की लिस्ट में शामिल है और इसने फिल्म की लीड हीरोइन की किस्मत बदल दी और फिल्म मेकर्स को उम्मीद दी कि लीड हीरोइन के दम पर भी फिल्में चल सकती हैं।

बॉक्स ऑफिस के मिथकों को तोड़ती 'कहानी'

एक दौर था जब फिल्म विशेषज्ञों का मानना था कि सिनेमाघरों में केवल वही फिल्में टिक सकती हैं जिनमें मसाला और ग्लैमर कूट-कूट कर भरा हो। दर्शकों को भी बड़े बजट की एक्शन फिल्मों और रोमांटिक गानों की आदत पड़ चुकी थी, लेकिन छोटे बजट की फिल्मों जैसे 'भेजा फ्राई' और 'विक्की डोनर' ने इस धारणा को चुनौती दी। इसी कड़ी में साल 2012 में निर्देशक सुजॉय घोष एक ऐसी मिस्ट्री थ्रिलर लेकर आए, जिसने न केवल दर्शकों का दिल जीता बल्कि फिल्म जगत के पंडितों को भी दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। वह फिल्म थी 'कहानी', जिसके हर किरदार ने लोगों का दिल जीता और खास तौर पर विद्या बालन ने। महज 8 करोड़ रुपये के साधारण बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में 104 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार किया। कोलकाता की गलियों में फिल्माई गई इस फिल्म ने साबित कर दिया कि अगर कहानी में दम हो तो बिना किसी पारंपरिक कमर्शियल फॉर्मूले के भी इतिहास रचा जा सकता है।

कोलकाता की गलियां और एक रहस्यमयी तलाश

'कहानी' की शुरुआत एक बेहद डरावने मेट्रो गैस हमले से होती है, जो पूरी फिल्म के लिए एक गंभीर पृष्ठभूमि तैयार करता है। इसके दो साल बाद लंदन से आई एक गर्भवती सॉफ्टवेयर इंजीनियर विद्या बागची (विद्या बालन) कोलकाता पहुंचती है। उसका मकसद अपने लापता पति अर्णब बागची को ढूंढना है, जो एक असाइनमेंट के लिए भारत आया था और फिर कभी वापस नहीं लौटा। दुर्गा पूजा के उत्सव में डूबे कोलकाता शहर के बीचों-बीच विद्या का यह संघर्ष शुरू होता है। जांच के दौरान विद्या की मुलाकात पुलिस अधिकारी सत्यकि 'राणा' सिन्हा (परमब्रत चटर्जी) से होती है, जो उसकी सहायता करता है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती है, परतें खुलती जाती हैं और पता चलता है कि जिस अर्णब को विद्या ढूंढ रही है, उसका सरकारी रिकॉर्ड में कोई वजूद ही नहीं है। 

कहानी में आता है सबसे बड़ा ट्विस्ट

रहस्य तब और गहरा जाता है जब विद्या को पता चलता है कि उसके पति का हुलिया मिलन दामजी नाम के एक पूर्व सरकारी कर्मचारी से मिलता है, जो एक खतरनाक अपराधी हो सकता है। फिल्म में सस्पेंस को इस तरह बुना गया था कि दर्शक अंत तक यह अंदाजा नहीं लगा पाते कि असली अपराधी कौन है। फिल्म का क्लाइमेक्स भारतीय सिनेमा के सबसे बेहतरीन ट्विस्ट्स में से एक माना जाता है, जहां विद्या के चरित्र की असलियत और उसके प्रेग्नेंसी के नाटक के पीछे का मकसद सामने आता है।

खतरनाक विलेन और फिल्म के रोमांचक मोड़

इस फिल्म की सबसे बड़ी खूबी इसके किरदार थे। जहां विद्या बालन ने एक असहाय लेकिन दृढ़निश्चयी प्रेग्नेंट महिला का किरदार निभाया, वहीं नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने मिस्टर खान की भूमिका में जान फूंक दी। फिल्म का एक और यादगार पात्र था बॉब बिस्वास, जो एक साधारण इंश्योरेंस एजेंट दिखता था लेकिन असल में एक क्रूर कॉन्ट्रैक्ट किलर था। परमब्रता चट्टोपाध्याय ने इंस्पेक्टर राणा का रोल निभाया था। वहीं इंद्रनील सेनगुप्ता अरणब बागची के रोल में थे। इसके अलावा भी फिल्म में दर्शन जरीवाला, मसूद अख्तर और धृतिमान चटर्जी जैसे दिग्गज एक्टर्स फिल्म का हिस्सा था।

सफलता, पुरस्कार और सीक्वल का सफर

'कहानी' को केवल व्यावसायिक सफलता ही नहीं मिली, बल्कि इसे आलोचकों की ओर से भी जबरदस्त सराहना मिली। फिल्म को 3 नेशनल अवॉर्ड्स से नवाजा गया और आईएमडीबी (IMDb) पर इसे 8.1 की शानदार रेटिंग मिली। फिल्म के संगीत की बात करें तो अमिताभ बच्चन द्वारा गाया गया गाना 'एकला चलो रे' आज भी लोगों की जुबान पर रहता है। इस फिल्म की अपार लोकप्रियता को देखते हुए मेकर्स ने 2016 में इसका सीक्वल 'कहानी 2: दुर्गा रानी सिंह' बनाया। 25 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने भी लगभग 56 करोड़ का कलेक्शन कर अपनी सफलता दर्ज कराई। इसमें विद्या बालन के साथ अर्जुन रामपाल नजर आए थे। 'कहानी' आज भी ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो पर उपलब्ध है और उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जो सस्पेंस और थ्रिलर के शौकीन हैं।

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