रामानंद सागर ने यूं तो कई फिल्मों और टीवी सीरियल्स का निर्माण किया, लेकिन जब भी 'रामायण' का जिक्र होता है, अपने आप ही रामानंद सागर द्वारा निर्मित रामायण ही आंखों के सामने आती है। 39 साल पहले आए इस पौराणिक धारावाहिक ने टीवी सीरियल्स के लिए सफलता के मायने पूरी तरह बदलकर रख दिए थे। इस धारावाहिक को दर्शकों से इतना प्यार मिला, जितना फिल्मों को भी नहीं मिलता था। जब भी रामायण का एपिसोड टेलीकास्ट होता लोग अपने सारे काम-धाम छोड़कर हाथ जोड़कर टीवी के सामने आ जाते। इसके कलाकारों को भी दर्शकों से खूब प्यार मिला। सालों तक लोग अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया को सच में श्रीराम और माता सीता मानते रहे थे। इसी धारावाहिक में 'विभीषण' की भूमिका में नजर आए मुकेश रावल को भी दर्शकों ने खूब पसंद किया। लेकिन, 'रामायण' के इस राम भक्त को लेकर 10 साल पहले एक ऐसी खबर आई, जिसने हर किसी को हिलाकर रख दिया।
निभाना चाहते थे मेघनाद की भूमिका
मुकेश रावल एक मशहूर गुजराती और टीवी एक्टर थे। उन्होंने कई नाटकों में काम किया। लेकिन, उनकी किस्मत ने तब टर्न लिया, जब उन्हें रामानंद सागर की रामायण में विभीषण की भूमिका निभाने का मौका मिला। मुकेश पहले मेघनाद की भूमिका निभाना चाहते थे, जिसके चलते रामानंद सागर ने उनका मेघनाद के किरदार के लिए भी ऑडिशन लिया। लेकिन, उन्हें विभीषण का ऑडिशन ज्यादा पसंद आया और वह इसी किरदार के लिए चुन लिए गए। इसके बाद विभीषण के किरदार में वह इतने पसंद किए गए, जिसकी उन्होंने खुद कल्पना नहीं की थी।
मिली दर्दनाक मौत
मुकेश रावल को लेकर 2016 में एक खबर आई, जिसने सभी को चौंका दिया। ये खबर थी उनके निधन की। बताया जाता है कि मुकेश रावल कांदिवली रेलवे स्टेशन में थे और पटरी क्रॉस कर रहे थे। इसी दौरान वह ट्रेन की चपेट में आ गए, जिसमें उनकी मौत हो गई। बताया जाता है कि कई घंटों तक उनका शव पटरी पर जस का तस पड़ा रहा । 15 नवंबर 2016 की सुबह जब कांदिवली स्टेशन के मास्टर ने पटरी पर पड़ा शव देखा तो पुलिस को जानकारी दी। उनकी मौत इतनी दर्दनाक थी कि जिसे भी पता चला उसका कलेजा कांप गया।
सीसीटीवी से हुई पहचान
जिस दिन मुकेश रावल इस हादसे का शिकार हुए, न तो उनके पास उनका फोन था और न ही पहचान पत्र, जिसके चलते पुलिस के लिए उनकी पहचान कर पाना भी मुश्किल था। लेकिन, फिर सीसीटीवी फुटेज और कपड़ों के जरिए उनकी पहचान की गई। इसके बाद उसी रात को उनका कांदिवली श्मशान भूमि में अंतिम संस्कार किया गया। मुकेश रावल ने अपने करियर में 'रामायण' के अलावा भी कई टीवी शोज में काम किया और टीवी शोज के अलावा 'लहू के दो रंग', 'सत्ता', 'जिद', 'औजार' और 'चीता' जैसी फिल्मों में भी अभिनय किया। गुजराती सिनेमा और थिएटर में भी वह लंबे समय तक एक्टिव रहे।