Viral Video : वर्क फ्रॉम होम (WFH) का सपना अब निगरानी का जाल बनता जा रहा है। एक कंपनी ने कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने के नाम पर ऐसे नियम बना दिए जिसे सुनते ही लोग भड़कने लगे। घर से काम करने वाली एक महिला के इंटरव्यू का अनुभव वायरल हो रहा है। इसमें उसने कड़ी निगरानी नीतियों का खुलासा किया है। काम के घंटों के दौरान वेबकैम पर नज़र रखने से लेकर हर 10 मिनट में उनकी स्क्रीन के स्क्रीनशॉट लेने तक, इस वायरल पोस्ट ने कर्मचारियों की प्राइवेसी पर बहस छेड़ दी है।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @sprinkleofgurleen_ नामक हैंडल से शेयर किया गया है। इस वीडियो में गुरलीन नाम की महिला ने एक वायरल इंस्टाग्राम वीडियो में बताया कि कैसे शुरुआत में एक आशाजनक रिमोट जॉब का अवसर लग रहा था, लेकिन कंपनी द्वारा अपनी कर्मचारी निगरानी नीतियों के बारे में बताने के बाद यह अवसर जल्द ही असहज हो गया। दूरस्थ नौकरियों को अक्सर लचीलेपन, आराम और बेहतर कार्य-जीवन संतुलन से जोड़ा जाता है। कई पेशेवरों के लिए, घर से काम करना लंबी यात्राओं और कार्यालय की कठोर दिनचर्या से मुक्ति प्रदान करता है। हालांकि, गुरलीन के अनुभव ने यह सवाल उठाया है कि क्या कुछ कंपनियां इस लचीलेपन की जगह अत्यधिक डिजिटल निगरानी को प्राथमिकता दे रही हैं। वीडियो को शेयर करते हुए गुरलीन ने कैप्शन में लिखा, "इंसानों को काम पर रखना है या रोबोटों को!???"
'काम का रखना चाहते थे रिकॉर्ड'
इस वीडियो में महिला ने बताया कि, 'मैंने हाल ही में एक नौकरी के लिए इंटरव्यू दिया था और उनकी एक नीति मेरे दिमाग में अटक गई है। सब कुछ ठीक चल रहा था। घर से काम करने वाली एक नौकरी है जिसमें वे हमारे काम का रिकॉर्ड रखना चाहते थे।' गुरलीन के अनुसार, कंपनी कथित तौर पर कर्मचारियों से काम के घंटों के दौरान वेबकैम पर दिखाई देने की अपेक्षा करती थी और साथ ही उनके कंप्यूटर स्क्रीन की निगरानी भी करती थी। उन्होंने आगे दावा किया कि कर्मचारियों की स्क्रीन के स्क्रीनशॉट दिन भर में नियमित अंतराल पर स्वचालित रूप से लिए जाते थे। और तो और, वे आपके काम करते हुए स्क्रीनशॉट भी लेंगे। हर 10 मिनट में, भाई, मैं 10 मिनट भी चैन से नहीं बैठ सकती।' गुरलीन ने कहा कि 'और घर से काम करने में लचीलापन होना चाहिए। मैं समझती हूं कि उत्पादकता और कार्यकुशलता पर नज़र रखना बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन इस तरह से यह मुझे किसी यातना जैसा लगता है।' जैसे-जैसे इंटरव्यू आगे बढ़ा, गुरलीन ने बताया कि अत्यधिक प्रतिबंधात्मक कार्य संस्कृति के कारण इस पद में उनकी रुचि धीरे-धीरे कम होती गई। उन्होंने कहा कि, 'इस तरह की प्रतिबंधात्मक संस्कृति और अत्यधिक नियंत्रण मुझे कभी आगे बढ़ने नहीं देगा। यह कार्यालय से कहीं अधिक कड़ी निगरानी है। मुझे नहीं पता कि आप इस तरह की नौकरी को स्वीकार करेंगे या नहीं, लेकिन यह निश्चित रूप से मेरे लिए नहीं थी।'
यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया
इस वीडियो को देखने के बाद इस पर कई यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं दीं। उनका वीडियो ऑनलाइन तेजी से वायरल हो गया, और कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी चिंताओं से सहमति जताते हुए कथित निगरानी नीतियों की आलोचना की। एक यूजर ने लिखा कि, 'भाई इसे ज्यादा आराम तो ऑफिस में है।' दूसरे ने लिखा कि, 'प्रोडक्टिविटी चेक करने के लिए मैनेजर घर क्यों नहीं आता?' तीसरे ने लिखा कि, 'सेंसर भी लगा दो भाई।' एक और यूजर ने लिखा कि, 'इतना सख्त भी नहीं होना था।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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