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Garud Puran: मृत्यु के बाद ऐसे होती है व्यक्ति के पाप और पुण्य की तुलना, गरुड़ पुराण में बताया है यमलोक में कैसे होता आत्मा का हिसाब

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : May 09, 2026 07:52 pm IST,  Updated : May 09, 2026 07:52 pm IST

Garud Puran: गरुड़ पुराण में बताया गया है कि कैसे मृत्यु के बाद आत्मा यमलोक में अपने कर्मों का हिसाब देती है। यह प्रक्रिया पूरी तरह कर्मों के संतुलन पर आधारित होती है। अच्छे और बुरे कर्मों की तुलना के आधार पर उसे अलग-अलग लोकों की प्राप्ति होती है।

Garud Puran - India TV Hindi
मृत्यु के बाद कैसे होता है पाप और पुण्य का हिसाब Image Source : INDIA TV

Garud Puran: सनातन धर्म में मृत्यु को जीवन का अंत नहीं, बल्कि आत्मा की नई यात्रा की शुरुआत माना गया है। गरुड़ पुराण में कहा है कि मौत के बाद आत्मा किस प्रकार यमलोक की यात्रा करती है और वहां उसके पाप-पुण्य का हिसाब कैसे होता है। कहते हैं कि शरीर छोड़ने के बाद आत्मा अपने कर्मों के आधार पर आगे का सफर तय करती है। यमलोक में अच्छे और बुरे कर्मों की तुलना करके यह निर्णय लिया जाता है कि आत्मा को स्वर्ग मिलेगा, पितृलोक या फिर नरक की यातनाएं भोगनी होंगी। 

मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा

गरुड़ पुराण के अनुसार जैसे ही व्यक्ति की मृत्यु होती है, आत्मा शरीर को छोड़ देती है और दो यमदूत उसे लेने पहुंचते हैं। फिर आत्मा को उसके कर्मों का संक्षिप्त दृश्य दिखाया जाता है, जिससे उसे अपने अच्छे और बुरे कार्यों का आभास होता है। इसके बाद आत्मा यमलोक की यात्रा शुरू करती है।

पाप और पुण्य का लेखा-जोखा

यमलोक में आत्मा के सभी कर्मों का पूरा हिसाब किया जाता है। यहां उसके जीवन के पाप और पुण्य की तुलना की जाती है। इसी आधार पर तय होता है कि आत्मा को आगे किस दिशा में भेजा जाएगा। यह प्रक्रिया आत्मा के अगले अनुभवों और गति को निर्धारित करती है।

यमदूतों का व्यवहार

गरुड़ पुराण में बताया गया है कि यमदूत आत्मा के साथ वैसा ही व्यवहार करते हैं जैसा व्यक्ति ने अपने जीवन में दूसरों के साथ किया होता है। यदि जीवन में अच्छे कर्म किए गए हैं तो यात्रा सहज होती है, जबकि पाप करने वालों को कष्ट और कठिन अनुभवों से गुजरना पड़ता है।

दिखाए जाते हैं जीवन के कर्म

मृत्यु के बाद आत्मा को उसके पूरे जीवन के कर्मों का दृश्य दिखाया जाता है। मान्यता है कि यह प्रक्रिया कुछ समय तक चलती है, जिसमें आत्मा को अपने सभी कर्मों का ज्ञान होता है। इसके बाद आत्मा को आगे की यात्रा के लिए यमलोक की ओर ले जाया जाता है।

आत्मा के तीन मार्ग

गरुड़ पुराण के अनुसार आत्मा को उसके कर्मों के आधार पर तीन मार्ग मिलते हैं। पहला अर्चि मार्ग, जो अच्छे कर्म करने वालों को ब्रह्मलोक और देवलोक तक ले जाता है। दूसरा धूम मार्ग, जो पितृलोक की यात्रा कराता है। तीसरा उत्पत्ति-विनाश मार्ग, जिसे नरक की यात्रा माना जाता है, जहां आत्मा को अपने पापों का फल भोगना पड़ता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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