सुहागिनों के लिए तीज का त्यौहार अत्यंत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। पूरे साल में तीन तीज आते हैं एक हरियाली, दूसरा कजरी और तीसरा हरतालिका तीज। तीनों ही तीज का व्रत पति की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए रखा जाता है। तीज के दिन विवाहित महिलाएं पूरे सोलह श्रृंगार कर के उपवास रखती हैं और विधि-विधान के साथ भगवान शिव और मां गौरी की पूजा-अर्चना करती हैं। तो आइए आज हम यहां जानेंगे कि इस साल ये तीनों प्रमुख तीज का व्रत कब रखा जाएगा। साथ ही जानेंगे पूजा मुहूर्त और महत्व के बारे में भी।
हरियाली तीज 2026
हर साल सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज मनाई जाती है। इस दिन सुहागिन महिलाएं हरे वस्त्र, चूड़ियां और श्रृंगार कर के भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। इसके साथ ही झूला भी झूलती हैं। हरियाली तीज को छोटी तीज व श्रावण तीज भी कहा जाता है। हरियाली तीज का पर्व प्रकृति के सौंदर्य, उमंग और अखंड सुहाग का प्रतीक माना जाता है।
हरियाली तीज 2026 डेट और शुभ मुहूर्त
सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का आरंभ 14 अगस्त को शाम 6 बजकर 46 मिनट पर होगा। तृतीया तिथि का समापन 15 अगस्त को शाम 5 बजकर 28 मिनट पर होगा। इस साल हरियाली तीज 15 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी।
कजरी तीज
भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को कजरी तीज मनाने का विधान है। इसे कजली तीज या सातुड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कजरी तीज का व्रत करने से विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्यवती का आशीर्वाद मिलता है। पति की आयु लंबी होती है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। वहीं कुंवारी कन्याओं को मनचाहा जीवनसाथी मिलता है।
कजरी तीज 2026 डेट और मुहूर्त
भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि का आरंभ 30 अगस्त को सुबह 9 बजकर 36 मिनट पर होगा। तृतीया तिथि का समापन 31 अगस्त को सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर होगा। कजरी तीज का व्रत 31 अगस्त 2026 को रखा जाएगा।
हरतालिका तीज व्रत 2026
हरतालिका तीज का व्रत सबसे कठिन माना जाता है। इस दिन महिलाओं और कुंवारी कन्याएं निर्जला उपवास रखती हैं और भगवान शिव और माता पार्वती की मिट्टी की मूर्ति बनाकर विधिवत पूजा करती हैं। हरतालिका तीज व्रत का पारण दूसरे दिन सूर्योदय के बाद किया जाता है।
हरतालिका तीज व्रत 2026 डेट और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि का आरंभ 13 सितंबर को सुबह 7 बजकर 8 मिनट पर होगा। तृतीया का समापन 14 सितंबर को सुबह 7 बजकर 6 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर 2026 को रखा जाएगा। इस दिन प्रातःकाल हरितालिका पूजा मुहूर्त सुबह 6 बजकर 26 मिनट से सुबह 7 बजकर 6 मिनट तक रहेगा।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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