GARUD PURAN
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बेटी कर सकती है मां-बाप का श्राद्धकर्म या नहीं? संतान के इस अधिकार पर क्या कहता है गरुड़ पुराण
गरुड़ पुराण में श्राद्ध कर्म और पिंडदान को पितरों की शांति से जुड़ा महत्वपूर्ण कर्म बताया गया है। सामान्य स्थिति में पुत्र को श्राद्ध कर्म का मुख्य अधिकारी माना गया है। लेकिन बेटा न हो तो क्या बेटी द्वारा भी यह कर्म किया जा सकता है? जानिए इस परंपरा को लेकर क्या नियम बताए गए हैं।
न्यूज़ | Jul 09, 2026 08:23 pm IST -
दामाद क्यों नहीं करते अपने सास-ससुर का अंतिम संस्कार? जानिए क्या कहता है गरुड़ पुराण
हिंदूओं में अंतिम संस्कार से जुड़ी कई परंपराओं का उल्लेख गरुड़ पुराण में मिलता है। इन्हीं में एक मान्यता दामाद और सास-ससुर के रिश्ते से जुड़ी है, वह यह कि दामाद अपने सास-ससुर का अंतिम संस्कार क्यों नहीं करते। आइए जानते हैं इसके पीछे क्या कारण है।
न्यूज़ | Jul 08, 2026 09:47 pm IST -
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Garud Puran: मृत्यु के बाद ये 4 आदतें दिलाएंगी कष्टों से मुक्ति, गरुड़ पुराण में है इन यातनाओं का वर्णन
Garud Puran: गरुड़ पुराण में जीवन-मृत्यु से जुड़े रहस्य बताए हैं, जो इंसान को सही राह पर चलने की प्रेरणा देते हैं। इसमें कुछ ऐसे विशेष कर्मों का उल्लेख मिलता है, जिन्हें अपनाने से जीवन और परलोक दोनों बेहतर हो सकते हैं। जानिए उन अच्छे कर्मों के बारे में जो मृत्यु के बाद के कष्टों से बचाएंगे।
न्यूज़ | May 23, 2026 09:02 pm IST -
Garun Puran: मृत व्यक्ति का बिस्तर इस्तेमाल करना चाहिए या नहीं? जानिए क्या कहता है गरुड़ पुराण
Garun Puran: गरुड़ पुराण और धार्मिक परंपराओं के अनुसार, मृत व्यक्ति के बिस्तर का उपयोग नहीं करना चाहिए। इन्हें दान, शुद्धिकरण या हटाने की सलाह दी जाती है। लेकिन क्या आपके पीछे की वजह जानते हैं कि ऐसा क्यों किया जाता है। जानिए गरुड़ पुराण में क्या बताया गया है।
न्यूज़ | May 20, 2026 09:17 pm IST -
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Garun Puran: मृत व्यक्ति की ये 3 चीजें कभी नहीं करनी चाहिए इस्तेमाल, गरुड़ पुराण में बताया का कारण
Garun Puran: गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के बाद कुछ वस्तुओं का उपयोग वर्जित माना गया है, क्योंकि उनसे नकारात्मक ऊर्जा जुड़ी हो सकती है। जानिए मृत व्यक्ति की वो कौन सी 3 चीजे हैं, जिसे इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
न्यूज़ | May 14, 2026 08:39 pm IST -
Garud Puran: मरने के बाद शव को अकेला क्यों नहीं छोड़ा जाता, गरुड़ पुराण में बताया है इसका गहरा रहस्य
Garud Puran Niyam: गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के बाद शव को अकेला छोड़ना उचित नहीं माना जाता। इसके पीछे धार्मिक, आध्यात्मिक और व्यावहारिक कारण बताए गए हैं। मान्यता है कि मृतक आत्मा कुछ समय तक शरीर के आसपास रहती है, इसलिए शव की देखभाल और निगरानी जरूरी मानी गई है।
न्यूज़ | May 13, 2026 05:29 pm IST -
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Garud Puran: परिवार में किसी की मृत्यु के बाद घर में क्यों नहीं बनाते खाना, गरुड़ पुराण में दिए हैं सूतक के नियम
Garud Puran: गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के बाद चूल्हा न जलाना एक धार्मिक और परंपरागत नियम है। गरुड़ पुराण में मृत्यु के बाद का समय परिवार के लिए सूतककाल माना जाता है। इस दौरान पालन किए जाने नियमों का उद्देश्य आत्मा की शांति, परिवार का शोक और सामाजिक संतुलन बनाए रखना है।
न्यूज़ | May 11, 2026 08:53 pm IST -
मृत्यु के बाद ऐसे होती है हमारे पाप और पुण्य की तुलना, गरुड़ पुराण में बताया है यमलोक में कैसे होता आत्मा का हिसाब
Garud Puran: गरुड़ पुराण में बताया गया है कि कैसे मृत्यु के बाद आत्मा यमलोक में अपने कर्मों का हिसाब देती है। यह प्रक्रिया पूरी तरह कर्मों के संतुलन पर आधारित होती है। अच्छे और बुरे कर्मों की तुलना के आधार पर उसे अलग-अलग लोकों की प्राप्ति होती है।
न्यूज़ | May 09, 2026 07:52 pm IST -
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Garud Puran: गरुड़ पुराण को घर में रखना चाहिए या नहीं? जानिए इस ग्रंथ को पढ़ने के नियम
Garud Puran Niyam: गरुड़ पुराण को लेकर समाज में कई तरह की मान्यताएं और भ्रांतियां प्रचलित हैं। यह ग्रंथ केवल मृत्यु के बाद ही पढ़ा जाता है। गरुड़ पुराण को घर में रखना चाहिए या नहीं? इस पर अलग-अलग विचार मिलते हैं। चलिए जानते हैं इसे लेकर क्या हैं नियम।
न्यूज़ | May 07, 2026 08:40 pm IST -
Garud Puran: बेटा न हो तो मुखाग्नि देने और पिंडदान करने का किसे है अधिकार, जानिए गरुड़ पुराण में क्या हैं नियम
Garun Puran Niyam: गरुड़ पुराण के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति का पुत्र न हो, तो ऐसे परिवार में किसी सदस्य की मौत पर उसके अंतिम संस्कार का अधिकार कई अन्य रिश्तों को दिया गया है। चलिए जानते हैं कि मृतक के किन करीबियों को उन्हें मुखाग्नि देने और पिंडदान करने का अधिकार दिया गया है।
न्यूज़ | May 05, 2026 12:59 pm IST -
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