1. Hindi News
  2. धर्म
  3. Garud Puran: गरुड़ पुराण को घर में रखना चाहिए या नहीं? जानिए इस ग्रंथ को पढ़ने के नियम

Garud Puran: गरुड़ पुराण को घर में रखना चाहिए या नहीं? जानिए इस ग्रंथ को पढ़ने के नियम

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : May 07, 2026 08:40 pm IST,  Updated : May 07, 2026 08:40 pm IST

Garud Puran Niyam: गरुड़ पुराण को लेकर समाज में कई तरह की मान्यताएं और भ्रांतियां प्रचलित हैं। यह ग्रंथ केवल मृत्यु के बाद ही पढ़ा जाता है। गरुड़ पुराण को घर में रखना चाहिए या नहीं? इस पर अलग-अलग विचार मिलते हैं। चलिए जानते हैं इसे लेकर क्या हैं नियम।

Garud Puran- India TV Hindi
गरुड़ पुराण को घर में रखना चाहिए या नहीं? Image Source : INDIA TV

Garud Puran Niyam: हिंदू धर्म में गरुड़ पुराण को एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र ग्रंथ माना गया है। यह ग्रंथ श्रीहरि विष्णु को समर्पित है और इसमें जीवन, मृत्यु, स्वर्ग-नरक, पुनर्जन्म और मोक्ष से जुड़े गहरे रहस्यों का वर्णन मिलता है। इसके साथ ही इसमें धर्म, पूजा-पाठ, नीति और जीवन के नियमों की भी विस्तृत जानकारी दी गई है। यही वजह है कि इस ग्रंथ को लेकर लोगों के मन में कई तरह की जिज्ञासा रहती है कि इसे कब पढ़ना चाहिए और क्या इसे घर में रखना उचित है या नहीं।

गरुड़ पुराण का महत्व

गरुड़ पुराण में जीवन और मृत्यु से जुड़े गहरे रहस्य बताए गए हैं। इसमें जन्म, मृत्यु, स्वर्ग, नरक और आत्मा की यात्रा का वर्णन मिलता है। इसके अलावा इसमें धर्म, व्रत और जीवन जीने के सही नियमों का भी उल्लेख किया गया है।

कब पढ़ा जाता है गरुड़ पुराण?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गरुड़ पुराण का पाठ आमतौर पर किसी परिजन की मृत्यु के बाद किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि मृत आत्मा 13 दिनों तक अपने घर के आसपास रहती है और इस दौरान गरुड़ पुराण का श्रवण उसे मोक्ष की ओर ले जाने में सहायक होता है। इसलिए यह पाठ विशेष रूप से मृत्यु के बाद आयोजित किया जाता है।

गरुड़ पुराण से जुड़े नियम

गरुड़ पुराण अन्य पुराणों से अलग माना जाता है, इसलिए इसके पाठ में विशेष नियमों का पालन जरूरी होता है। इसका पाठ अक्सर शोककाल में मृतक के घर पर किया जाता है। परिवार के सदस्य भी बैठकर इसे सुनते हैं ताकि जीवन और मृत्यु के सत्य को समझा जा सके।

क्या घर में रख सकते हैं गरुड़ पुराण?

लोगों में यह भ्रम रहता है कि गरुड़ पुराण को घर में नहीं रखना चाहिए, क्योंकि यह मृत्यु के रहस्यों से जुड़ा ग्रंथ है। लेकिन यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गरुड़ पुराण मोक्ष और ज्ञान का ग्रंथ है। इसे घर में रखने से नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और सकारात्मकता का प्रभाव बढ़ता है। इसलिए इसे घर में रखना वर्जित नहीं माना गया है, बल्कि इसे ज्ञान के रूप में सम्मानपूर्वक रखा जा सकता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें: Kala Dhaga: काला धागा इन लोगों के लिए होता है बेहद शुभ, जानिए किन राशियों को पहनना चाहिए Black Thread

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।