मंगल ग्रह 2 अगस्त की रात में वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में गोचर कर जाएंगे। वहीं सूर्य ग्रह वर्तमान में कर्क राशि में स्थित है। ऐसे में सूर्य और मंगल के बीच 2 अगस्त को द्विद्वादश योग का निर्माण होगा। इस योग को ज्योतिष में शुभ नहीं माना जाता। द्विद्वादश योग के बनने से कुछ राशियों को पारिवारिक और प्रेम जीवन में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। आज हम आपको इन्हीं राशियों के बारे में बताएंगे और साथ ही जानकारी देंगे कि किन उपायों को करने से द्विद्वादश योग का बुरा प्रभाव कम हो सकता है।
कर्क राशि
द्विद्वादश योग के दौरान सूर्य आपकी वाणी के भाव में विराजमान होंगे वहीं मंगल द्वादश भाव में। मंगल-सूर्य की इस स्थिति के चलते पार्टनर के साथ तीखी बहस हो सकती है, इसलिए सतर्कता आपको बरतनी होगी और गुस्से को काबू में रखा होगा वरना रिश्ता बिगड़ सकता है। पारिवारिक जीवन में भावनाओं में बहकर किसी को अपनी वाणी से आहत आप कर सकते हैं। सामाजिक स्तर पर भी कर्क राशि के जातकों को संभलकर रहना होगा। उपाय के तौर पर बेलपत्र भगवान शिव को अर्पित आपको करने चाहिए।
मकर राशि
द्विद्वादश योग के दौरान सूर्य आपके सप्तम भाव में होंगे और मंगल छठे भाव में। दो क्रूर ग्रहों का आपके छठे और सातवें भाव में होना प्रेम और पारिवारिक संबंधों के लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता है। जीवनसाथी के साथ अहम का टकराव हो सकता है और आप अपनी बातें पार्टनर पर थोपने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसा करने से आपको बचना चाहिए नहीं तो अलगाव की स्थिति बन सकती है। आपका जिद्दीपन पारिवारिक जीवन में भी परेशानियों का कारण बन सकता है। इसलिए व्यवहार में सौम्यता बनाए रखने की आपको आवश्यकता होगी। उपाय के तौर पर ध्यान करें और शिव मंत्रों का जप करें।
मीन राशि
सूर्य वर्तमान में आपके प्रेम भाव में विराजमान हैं वहीं मंगल 2 अगस्त से आपके चतुर्थ भाव में रहेंगे जोकि सुख का भाव कहा जाता है। सूर्य-मंगल की स्थिति के चलते गलतफमियां प्रेम और वैवाहिक जीवन में पैदा हो सकती हैं। गलतफहमियों को दूर करने के लिए पार्टनर से खुलकर बात करें। पारिवारिक जीवन में प्रॉपर्टी से जुड़े किसी मुद्दे को लेकर तनाव की स्थिति बन सकती है इसलिए आपको संभलकर रहना होगा। जितना कम बोलेंगे स्थितियां उतना ही आपके पक्ष में आ सकती हैं। उपाय के तौर पर गुड़ या गेहूं का दान आपको करना चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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