हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व बताया गया है। एकादशी का व्रत करने से भगवान विष्णु की खास कृपा प्राप्त होती है और धन-धान्य में वृद्धि होती है। प्रत्येक माह में 24 एकादशियां आती हैं। हर महीने में आने वाली एकादशी महत्वपूर्ण मानी जाती है। वहीं भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की आने वाली एकादशी अत्यंत ही खास मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विष्णु जी करवट बदलते हैं, इसलिए इस एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी कहते हैं। तो आइए जानते हैं कि परिवर्तिनी एकादशी कब मनाई जाएगी और पूजा मुहूर्त क्या रहेगा।
परिवर्तिनी एकादशी 2026 डेट
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 21 सितंबर को रात 8 बजे होगा। एकादशी तिथि का समापन 22 सितंबर को रात 9 बजकर 43 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 22 सितंबर 2026 को रखा जाएगा।
परिवर्तिनी एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त- 04:52 ए एम से 05:40 ए एम
- प्रातः संध्या- 05:16 ए एम से 06:27 ए एम
- अभिजित मुहूर्त- 12:07 पी एम से 12:55 पी एम
- विजय मुहूर्त- 02:32 पी एम से 03:21 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त- 06:35 पी एम से 06:59 पी एम
- सायाह्न संध्या- 06:35 पी एम से 07:46 पी एम
- अमृत काल- 09:52 पी एम से 11:36 पी एम
- रवि योग- 06:27 ए एम से 07:06 ए एम
परिवर्तिनी एकादशी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि (देवशयनी एकादशी) के दिन चार महीने के लिए क्षीर सागर में योग निद्रा में चले जाते हैं। इसके बाद भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन करवट बदलते हैं। इसी वजह से इसे परिवर्तिनी एकादशी या जलझूलनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा की जाती है और जातक को वाजपेय यज्ञ के समान फल प्राप्त होता है और जीवन के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं।
देवउठनी एकादशी 2026 डेट
आपका बता दें कि देवउठनी एकादशी के दिन जगत के पालनहार योग निद्रा से जागते हैं। इस साल देवउठनी एकादशी का व्रत 20 नवंबर 2026 को रखा जाएगा। इस दिन चातुर्मास भी समाप्त होता है और शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्य फिर से प्रारंभ हो जाते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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