2 अगस्त को श्रवण कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि और रविवार का दिन है। चतुर्थी तिथि रविवार को रात 11 बजकर 16 मिनट तक रहेगी। साथ ही 2 अगस्त को संकष्टी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत भी रखा जाएगा। रात 9 बजकर 37 मिनट तक पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा रविवार को पंचक भी है और साथ ही रात 10 बजकर 50 मिनट पर मंगल मिथुन राशि में गोचर करेगा। तो आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते रविवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
2 अगस्त 2026 का पंचांग
- श्रवण कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि- 2 अगस्त 2026 रात 11 बजकर 16 मिनट तक
- पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र- 2 अगस्त 2026 को रात 9 बजकर 37 मिनट तक उसके बाद उत्तराभाद्रपद नक्षत्र लग जाएगा
- ग्रह-गोचर- 2 अगस्त को मंगल मिथुन राशि में गोचर करेंगे
- व्रत-त्योहार- 2 अगस्त को संकष्टी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत रखा जाएगा
2 अगस्त 2026 का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त- 04:47 ए एम से 05:31 ए एम
- प्रातः संध्या- 05:09 ए एम से 06:16 ए एम
- अभिजित मुहूर्त- 12:19 पी एम से 01:11 पी एम
- विजय मुहूर्त- 02:54 पी एम से 03:46 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त- 07:14 पी एम से 07:36 पी एम
- सायाह्न सन्ध्या- 07:14 पी एम से 08:20 पी एम
- अमृत काल- 01:19 पी एम से 02:59 पी एम
राहुकाल का समय
- दिल्ली- शाम 05:30 से शाम 07:11 तक
- मुंबई- शाम 05:36 से शाम 07:13 तक
- चंडीगढ़- शाम 05:35 से शाम 07:17 तक
- लखनऊ- शाम 05:13 से शाम 06:53 तक
- भोपाल- शाम 05:23 से शाम 07:01 तक
- कोलकाता- शाम 04:38 से शाम 06:17 तक
- अहमदाबाद- शाम 05:42 से शाम 07:20 तक
- चेन्नई- शाम 05:00 से शाम 06:35 तक
सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय- 05:42 ए एम
- सूर्यास्त- 19:11 पी एम
संकष्टी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत
रविवार 2 अगस्त को संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत है। जैसे की आप सभी जानते है की हर माह के कृष्ण और शुक्ल, दोनों पक्षों की चतुर्थी को भगवान गणेश की पूजा का विधान है। बस फर्क केवल इतना है कि कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी, जबकि शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को वैनायकी श्री गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है, और यह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है, तो इसलिए 2 अगस्त को संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत है। इस दिन संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत के उपलक्ष्य में भगवान श्री गणेश की उपासना बड़ी ही फलदायी होगी। संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी का अर्थ होता है- संकटों को हरने वाली। भगवान गणेश बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य को देने वाले हैं। इनकी उपासना शीघ्र फलदायी मानी गई है। कहते हैं कि जो व्यक्ति संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत करता है, उसके जीवन में चल रही सभी समस्याओं का समाधान निकलता है और उसके सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है। आपको बता दूं कि ये व्रत सुबह से लेकर शाम को चन्द्रोदय होने तक किया जाता है। जानकारी के लिये आपको बता दूं कि चन्द्रोदय 2 अगस्त को रात 9 बजकर 20 मिनट पर होगा।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)
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