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Garud Puran: मृत्यु के बाद ये 4 आदतें दिलाएंगी कष्टों से मुक्ति, गरुड़ पुराण में है इन यातनाओं का वर्णन

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : May 23, 2026 09:02 pm IST,  Updated : May 23, 2026 09:02 pm IST

Garud Puran: गरुड़ पुराण में जीवन-मृत्यु से जुड़े रहस्य बताए हैं, जो इंसान को सही राह पर चलने की प्रेरणा देते हैं। इसमें कुछ ऐसे विशेष कर्मों का उल्लेख मिलता है, जिन्हें अपनाने से जीवन और परलोक दोनों बेहतर हो सकते हैं। जानिए उन अच्छे कर्मों के बारे में जो मृत्यु के बाद के कष्टों से बचाएंगे।

Garud Puran- India TV Hindi
मृत्यु के बाद ये 4 आदतें दिलाएंगी कष्टों से मुक्ति Image Source : INDIA TV

Garud Puran: हिंदू धर्म के पवित्र ग्रंथ गरुड़ पुराण में जीवन-मृत्यु और आत्मा की यात्रा से जुड़े गहरे रहस्यों का विस्तृत वर्णन मिलता है। यह ग्रंथ केवल मृत्यु का भय नहीं दिखाता, बल्कि मनुष्य को धर्म, सत्य और सही आचरण के साथ जीवन जीने की प्रेरणा भी देता है। इसमें बताया गया है कि हर इंसान को उसके कर्मों के अनुसार ही फल मिलता है। इसी संदर्भ में कुछ ऐसे शुभ कर्मों का उल्लेख किया गया है, जिन्हें अपनाकर व्यक्ति मृत्यु के बाद यमलोक की यातनाओं से बच सकता है।

माता-पिता और गुरु की सेवा से मिलता पुण्य

गरुड़ पुराण में स्पष्ट कहा गया है कि जो व्यक्ति अपने माता-पिता और गुरुजनों की निस्वार्थ सेवा करता है, उसे विशेष पुण्य प्राप्त होता है। ऐसे लोगों के जीवन में आशीर्वाद बना रहता है और मृत्यु के बाद उन्हें किसी भी प्रकार की पीड़ा या भय का सामना नहीं करना पड़ता। यह आदत व्यक्ति के जीवन को भी सफल बनाती है।

दान और परोपकार से बदलता भाग्य

धार्मिक मान्यताओं में दान को अत्यंत महत्वपूर्ण कर्म माना गया है। जरूरतमंद की सहायता करना, अन्न, वस्त्र और ज्ञान का दान देना व्यक्ति के जीवन को सकारात्मक दिशा देता है। गरुड़ पुराण के अनुसार, निस्वार्थ भाव से किया गया दान व्यक्ति के पापों को कम करता है और परलोक को भी सुखद बनाता है।

तुलसी सेवा से मिलता आध्यात्मिक संरक्षण

तुलसी को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और भगवान विष्णु की प्रिय माना गया है। जो व्यक्ति नियमित रूप से तुलसी की सेवा करता है, दीप जलाता है और श्रद्धा रखता है, उसके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। मान्यता है कि ऐसे व्यक्ति को मृत्यु के समय यमदूतों के बजाय विष्णु दूत प्राप्त होते हैं, जिससे उसे कष्टों से मुक्ति मिलती है।

सत्य और धर्म का पालन सबसे श्रेष्ठ मार्ग

गरुड़ पुराण में सत्य बोलने और धर्म के मार्ग पर चलने को सबसे श्रेष्ठ बताया गया है। जो व्यक्ति अपने जीवन में ईमानदारी और नैतिकता का पालन करता है, वह हर प्रकार के भय से मुक्त रहता है। ऐसे सत्यवादी व्यक्ति को न तो जीवन में कठिनाइयों का डर होता है और न ही मृत्यु के बाद किसी दंड का सामना करना पड़ता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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