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Ganga Dussehra 2026: गंगा दशहरा के दिन इस मुहूर्त में करें स्नान-दान, जानें पूजा मंत्र

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : May 23, 2026 04:02 pm IST,  Updated : May 23, 2026 04:08 pm IST

Ganga Dussehra 2026: गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान करने से व्यक्ति के हर तरह के पाप मिट जाते हैं। तो आइए जानते हैं कि इस साल गंगा दशहरा कब मनाई जाएगी और स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और मंत्र क्या है।

गंगा दशहरा 2026- India TV Hindi
गंगा दशहरा 2026 Image Source : INDIA TV

Ganga Dussehra 2026: हर साल ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाता है। गंगा दशहरा को गंगावतरण के नाम से भी जाना जाता है। गंगा दशहरा के दिन गंगा में स्नान करना और दान पुण्य करना अत्यधिक शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गंगा दशहरा के दिन गंगा में पवित्र स्नान करने से सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिल जाती है। वाराणसी में गंगा दशहरा उत्सव की खास रौनक देखने को मिलता है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान करने आते हैं और दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में भी भाग लेते हैं। तो आइए जानते हैं कि इस साल गंगा दशहरा कब मनाया जाएगा और स्नान-दान के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।

गंगा दशहरा 2026 कब है?

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि का आरंभ 25 मई 2026 को सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर होगा। दशमी तिथि का समापन 26 मई को सुबह 5 बजकर 10 मिनट पर होगा। गंगा दशहरा 25 मई 2026, सोमवार को मनाया जाएगा।

गंगा दशहरा 2026 शुभ मुहूर्त

  • हस्त नक्षत्र प्रारंभ - मई 26, 2026 को 04:08 ए एम बजे
  • हस्त नक्षत्र समाप्त - मई 27, 2026 को 05:56 ए एम बजे
  • व्यतीपात योग प्रारंभ - मई 27, 2026 को 03:11 ए एम बजे
  • व्यतीपात योग समाप्त - मई 28, 2026 को 03:25 ए एम बजे
  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:34 ए एम से 05:18 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त- 12:09 पी एम से 01:02 पी एम
  • विजय मुहूर्त- 02:47 पी एम से 03:40 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त- 07:09 पी एम से 07:30 पी एम
  • अमृत काल- 08:33 पी एम से 10:14 पी एम

गंगा दशहरा पूजा मंत्र

  • ॐ नमः शिवायै नारायण्यै दशहरायै गङ्गायै नमः।
  • ॐ नमो भगवति ऐं ह्रीं श्रीं वाक् काममायामयि, हिलि हिलि मिलि मिलि गंगे मां पावय पावय स्वाहा।
  • गांगं च वारि मनोहारि मुरारिचरणच्युतम्। त्रिपुरारिशिरश्चारि पापहारि पुनातु माम्॥
  • ॐ गंगायै नमः
  • ॐ त्रिवेण्यै नमः
  • ॐ भूदायै नमः
  • ॐ भीष्ममात्रे नमः
  • ॐ शुभायै नमः
  • ॐ भाग्यदायिन्यै नमः
  • ॐ भागीरत्यै नमः

गंगा दशहरा का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गंगा दशहरा के दिन गंगा नदी में डुबकी लगाने और दान-पुण्य करने से व्यक्ति के जाने-अनजाने में किए गए 10 प्रकार के पापों का नाश होता है। यदि आप किसी पवित्र नदी पर नहीं जा पा रहे हैं, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करें। ऐसा करने से भी गंगा स्नान के समान ही पुण्य फल की प्राप्ति होती है। गंगा दशहरा पर 'दस' की संख्या का विशेष महत्व है,  इसलिए इस दिन पूजा में 10 दीपक, 10 प्रकार के फल और 10 प्रकार के फूलों का उपयोग करना श्रेष्ठ माना जाता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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