इस मौसम में वायरस-बैक्टीरिया, गर्म हवा, प्रदूषण भी आंखों के इंफेक्शन का खतरा बढ़ा रहा है और ऐसी झुलसाती गर्मी में एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस सबसे उपर है। स्क्रीन टाइम बढ़ने और गर्म हवा-प्रदूषण के संपर्क में आने से आंखों की पुतलियों को नुकसान पहुंचता है। इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है। इसके अलावा आंखों में सूजन..जलन-दर्द भी परेशान करते हैं इतना ही नहीं बैक्टीरिया, फंगस से अफेक्ट होने पर कॉर्नियल अल्सर भी हो सकता है। इस बीमारी में कॉर्निया पर घाव हो जाते है। अगर वक्त पर इलाज ना मिले तो ये आंखों की रोशनी तक छीन सकते है यानि आंख में हुआ मामूली सा लगने वाला इंफेक्शन। हमेशा के लिए ब्लाइंडनेस दे सकता है जबकि आंखों में होने वाले ज़्यादातर संक्रमण सही उपचार से वक्त रहते ठीक हो सकते हैं। इसलिए आंखों की परेशानी होने पर खुद डॉक्टर बनकर कोई भी ड्रॉप ना डालें। डॉक्टर के पास जाएं एक्सपर्ट से कंसल्ट करें जैसे स्वामी रामदेव जो आज ना सिर्फ आपकी परेशानी दूर कराएंगे बल्कि 100 साल तक नज़र तेज़ रखने के उपाय भी बताएंगे
ड्राई आई सिंड्रोम
दुनियाभर में 36 करोड़ से ज्यादा लोग आंखों की समस्याओं से जूझ रहे हैं और गर्मियों में बढ़ा स्क्रीन टाइम आंखों के लिए ड्राईनेस, एलर्जी, इंफेक्शन, मायोपिया, कैटरेक्ट, ग्लूकोमा और मैक्युलर डिजेनरेशन जैसी परेशानियों का खतरा बढ़ा देता है।
आंखों के दुश्मन
डायबिटीज़, हाई बीपी, पॉल्यूशन, सर्द हवा और ज्यादा स्क्रीन टाइम आंखों के बड़े दुश्मन हैं, जो कैटरेक्ट, मायोपिया, ग्लूकोमा और दूसरी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ा सकते हैं।
आंखों में सूखेपन की वजह
आंखों में सूखेपन की समस्या आंसू कम बनने, लंबे समय तक स्क्रीन देखने, एयर कंडीशन में रहने और लगातार पढ़ाई या कंप्यूटर पर काम करने से बढ़ सकती है, जिसके कारण आंखें लाल होना, जलन और खुजली जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, जबकि नजरअंदाज करने पर इंफेक्शन, सूजन और कमजोर नजर का खतरा भी बढ़ सकता है।
कैसे बचाएं आंखें?
बदलते मौसम में आंखों को स्वस्थ रखने के लिए ठंडे पानी से आंखें धोएं, विटामिन A, E और C से भरपूर फूड डाइट में शामिल करें, शरीर में पानी की कमी न होने दें और धूप या ठंडी हवा में बाहर निकलते समय चश्मा जरूर पहनें। बादाम, सौंफ और मिश्री का पाउडर बनाकर रात में गर्म दूध के साथ लेने से आंखों की रोशनी को फायदा मिल सकता है, वहीं सफेद प्याज़ का रस, अदरक, नींबू का रस, शहद और गुलाब जल को आंवले के रस में मिलाकर सुबह-शाम दो-दो बूंद आंखों में डालने से आंखों को राहत मिलती है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है