Baba Ramdev Tips For Healthy Liver: अगर आप भी चाहते हैं कि आपका लिवर हमेशा हेल्दी और सेहतमंद रहे तो आज़माएं बाबा रामदेव के ये बेहतरीन नुस्खे
डायबिटीज़ पर एक नई रिसर्च आई है 'एशियन हेमेटोलॉजी रिसर्च जनरल' में छपी रिपोर्ट बताती है कि ज़्यादा मीठा और गलत लाइफस्टाइल ही नहीं शरीर में खून की कमी भी शुगर की बीमारी दे रही है पेशेंट्स में एनीमिया के साथ-साथ HBA 1 C का लेवल भी बढ़ते पाया गया यानि अगर आप मीठा नहीं खाते हैं लेकिन आपकी बॉडी में हीमोग
आजकल खाने से लेकर हर छोटे बड़े काम के लिए प्लास्टिक का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते इसका रेगुलर यूज़ आपकी सेहत के लिए कितना खतरनाक है। बाबा रामदेव से जानिए प्लास्टिक का उपयोग तुरंत क्यों बंद कर देना चाहिए?
मानसून के मौसम में चेहरे और बालों की हालात खस्ता हो जाती है। जहां स्किन पर एलर्जी और फंगल इंफेक्शन की समस्या बढ़ जाती है वहीं बालों में रुसी की परेशानी बढ़ जाती है। ऐसे में बाबा रामदेव बता रहे हैं कि स्किन और हेयर की इन समस्याओं से कैसे छुटकारा पाएं।
रोग हमारा गुण नहीं है ये जो सकारात्मक सोच है, ये बहुत जरूरी है और साइंस भी इस बात से इत्तेफाक रखती है. कई फेमस कार्डियोलॉजिस्ट्स, हेपेटोलॉजिस्ट, ऑंकोलॉजिस्ट के रील्स वायरल हो रहे हैं.
हमारे देश के 10 करोड़ से ज़्यादा लोग कर रहे हैं... जिनको लगता है कि उनका वज़न ज़्यादा नहीं है...तो वो ओबेसिटी की गिरफ्त में नहीं है जबकि देश में 43% लोग ऐसे हैं जो वेट के हिसाब से तो मोटे नहीं है..जो दिखने में skinny हैं.लेकिन उनमें वही लक्षण पाए गए हैं..जो मोटे लोगों में होते हैं..
अब 20 साल की उम्र में ही, हड्डियां कमजोर और भुरभुरी हो रही हैं...35 की उम्र आते-आते ज्यादातर लोगों के घुटने से कटकट की आवाज आने लगती है...कुछ देर बैठकर उठने पर हिप्स में दर्द महसूस होने लगता है..अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो इसे हल्के में मत लीजिए..ये चेतावनी है किसी अनहोनी की...
जिसे आज तक दुनिया की लेटेस्ट टेक्नॉलॉजी यानि AI..साइंटिस्ट, रिसर्चर्स हज़ारो-लाखों स्टडी के बाद भी अभी तक समझने की कोशिश कर रहे हैं....दिल-दिमाग,फेफड़े, लिवर, इंटेस्टाइन और किडनी पर जितनी बार स्टडी होती है..उतनी बार कुछ नया पता चलता है..
मॉडल शेफाली जरीवाला के मौत के लिए भी तो एंटी एजिंग दवाओं के साइड इफेक्ट्स को ज़िम्मेदार माना जा रहा है जिसकी वजह से उन्हें दिल का दौरा पड़ा। सप्लीमेंट्स के साइड इफेक्ट्स से हार्ट अटैक, हार्मोनल प्रॉब्लम, लिवर-किडनी फेलियर, पैरालिसिस कैंसर और तो और जान तक जा सकती है।
जिंदगी में सारा खेल तालमेल का ही तो है...बैलेंस बिगड़ा नहीं कि रिश्ते से लेकर सेहत तक, सब खराब होने लगता है...इसलिए दिमाग को खुश और तरोताजा रखने के लिए हर रोज कुछ नया ट्राई करना चाहिए..और अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो, आज से अभी से शुरु कर दीजिए...क्योंकि इससे लाइफ में ना बोरियत होगी.
देश में सिर्फ 11 फीसदी लोग ही रोज योग करते हैं जबकि 14 फीसद लोग कभी-कभी योग कर लेते हैं। सीधे-सीधे कहें तो देश में 75% से ज्यादा लोगों ने कभी योग किया ही नहीं जो दिखाता है कि सिर्फ एक चौथाई आबादी तक ही योग की पहुंच है।
इस वक्त भारत में साढ़े 10 करोड़ से ज़्यादा बुजुर्ग है जो अगले कुछ साल में 20 करोड़ से ज़्यादा हो जाएंगे। यानी युवाओं के इस देश में आने वाले वक्त में हर चौथा भारतीय बुज़ुर्ग होगा। ऐसे में एक बात का ख्याल रखना बहुत ज़रूरी है कि लंबी उम्र के साथ बीमारी की लिस्ट ना बढ़े।
गर्मी के मौसम में धूप की कोई कमी नहीं होती लेकिन ज्यादातर लोग गर्मी में सुबह-सुबह धूप लेना छोड़ देते हैं जिससे हड्डियां तो कमजोर होती ही है दूसरी तमाम बीमारियां अलग शुरु हो जाती हैं।
निगेटिव इमोशन जब हावी हो जाते हैं तो स्ट्रेस-एंग्जायटी-डिप्रेशन कब असर दिखाने लगा, पता भी नहीं चलता।जीवन में बहुत सी ऐसी परेशानियां हैं जो इमोशनल स्ट्रेस की वजह बनती हैं जिससे बॉडी में कोर्टिसोल और एड्रेनालाइन हार्मोन का लेवल बढ़ता है।
मौसम के हालात देखते हुए हेल्थ एक्सपर्ट्स डायबिटीज़ के मरीज़ों को खासतौर पर धूप से बचने की सलाह दे रहे हैं क्योंकि शुगर पेशेंट पर हीट स्ट्रोक दूसरों के मुकाबले ज़्यादा होता है।
दुनिया में हर साल लगभग 8 लाख लोग ब्रेन कैंसर से जान गवांते हैं। भारत में भी हर साल तकरीबन 50 हजार केसेज सामने आते हैं। ऐसे में बाबा रामदेव से जानिए दिमाग को कैसे बनाएं मजबूत
देश में एक बार फिर कोरोना का जाल बढ़ने लगा है। कोविड से सिर्फ संक्रमित होने की ही नहीं बल्कि मौत की भी खबरें अलग अलग राज्यों से आ रही हैं। हालात गंभीर होने शुरु हो उससे पहले ही सावधान हो जाइए।
टाइप-2 डायबिटीज पहले बुजुर्गों की बीमारी होती थी फिर ये युवाओं की परेशानी बन गई लेकिन अब तो छोटे-छोटे बच्चे भी इसके गिरफ्त में हैं। 'नेशनल कमीशन फॉर चाइल्ड प्रोटेक्शन' NCPCR के मुताबिक, इससे देश में हेल्थ इमरजेंसी आ सकती है।
स्मोकिंग वो कारगुजारी है जो लंग्स को बीमार और बहुत बीमार कर देती है। सांस और धड़कन का होना ही हमारे जिंदा होने की निशानी है और इसलिए उन चीजों से परहेज करना जरुरी है, जो इन्हें धीमा करती हैं, इन्हें रोकती हैं।
बिगड़े मौसम की वजह से ज़्यादार लोग सीजनल फ्लू की गिरफ्त में है। इस कंडीशन में जो चीज सबसे ज्यादा हेल्थ एक्सपर्ट की चिंता बढ़ा रही है वो है सीजनल ब्लड प्रेशर। चलिए जानते हैं यह क्या है और इसे कैसे कंट्रोल करें?
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