स्मोकिंग वो कारगुजारी है जो लंग्स को बीमार और बहुत बीमार कर देती है। सांस और धड़कन का होना ही हमारे जिंदा होने की निशानी है और इसलिए उन चीजों से परहेज करना जरुरी है, जो इन्हें धीमा करती हैं, इन्हें रोकती हैं।
बिगड़े मौसम की वजह से ज़्यादार लोग सीजनल फ्लू की गिरफ्त में है। इस कंडीशन में जो चीज सबसे ज्यादा हेल्थ एक्सपर्ट की चिंता बढ़ा रही है वो है सीजनल ब्लड प्रेशर। चलिए जानते हैं यह क्या है और इसे कैसे कंट्रोल करें?
हेल्थ एक्सपर्ट मानते हैं फैट बर्न करने के नेचुरल और हेल्दी तरीके ही सबसे बेहतर हैं। इससे वजन भी कम होता है और शरीर को नुकसान भी नहीं होता।
आम बोलचाल में जिसे 'दिल टूटना' कहते हैं वो एक तरह का 'हार्ट ब्रोकन सिंड्रोम' है। ये एक ऐसा कार्डियो डिसऑर्डर है जो एक्सेस इमोशंस और फिजिकल स्ट्रेस की वजह से होता है। इसमें 'एड्रेनालिन हार्मोन' इतना ज्यादा निकलता है कि दिल की मांसपेशियां ठीक से काम करना बंद कर देती हैं।
गर्मी में कुदरती तौर पर शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए..ब्लड में मौजूद पानी को पसीने के तौर पर बाहर निकाल देता है...स्वेटिंग होने से लोगों को थोड़ी ठंडक जरूर महसूस होती है...लेकिन ज्यादा पसीना निकलने से खून में पानी की कमी हो जाती है... इससे शरीर में ब्लड को सर्कुलेट करने वाले हार्ट को ज्यादा मेहनत कर
गर्म हवा से रेस्पिरेट्री ट्रैक में सूजन-इंफेक्शन होने लगती है। उपर से प्रदूषण, पोलन, धूल भरी आंधी एलर्जी, सीने में घरघराहट, खांसी जैसी परेशानियां खड़ी कर रही है। ऐसे में बाबा रामदेव से जानें कैसे रखें अपना ख्याल?
आजकल बहुत कम लोग हैं जो नौकरी में, काम में अपनी पसंद की चीज़ें कर पाते हैं। वरना तो ज़्यादातर लोग ज़िम्मेदारियों को पूरा करने की आपाधापी में अपने पसंदीदा चीजें नहीं कर पाते। लंबे वक्त तक यही हालात बने रहने से लोगों पर तनाव-चिंता हावी होने लगते हैं
अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन ने माना है कि ऑस्टियो-आर्थराइटिस में योग बेहद कारगर है। योग करने से बेहतर माइंड-बॉडी कनेक्शन के साथ मेंटल हेल्थ भी सुधरती है। तो चलिए आज सिर्फ ऑस्टियो-आर्थराइटिस ही नहीं बल्कि हर तरह के गठिया का योग से कैसे इलाज करें ये स्वामी रामदेव से जानते हैं।।
पैरेट्स चाहते हैं कि उनके बच्चे की ग्रोथ प्रॉपर हो लेकिन उन्हें भी ये समझना होगा कि हाइट का ताल्लुक न्यूट्रिशंस से भरपूर खानपान के साथ। ग्रोथ हॉर्मोन, नींद के पैटर्न, पोश्चर, इम्यूनिटी पर भी डिपेंड करता है। देश की एवरेज हाइट का ग्राफ ऊपर ले जाना है तब तो हमारी तरह रोज पसीना बहाना होगा और योग की शरण में आना होगा
गर्मी का असर मसल्स पर भी दिखता है। इलेक्ट्रोलाइट की कमी से मसल्स ऐंठने लगती हैं इससे बीपी लो हो जाती है और मसल्स में क्रैंप आते हैं लेकिन ब्लड सर्कुलेशन मेंटेन रखते हैं तो मसल्स रिलेक्स करने में मदद मिलती है और इसके लिए जरूरी है कि आप रोज योग करें।
अगले 15 साल में प्रोस्टेट कैंसर के मामले दोगुने हो जाएंगे। देश में हर साल 71 हजार नए केस दर्ज किए जाएंगे। इससे भी ज़्यादा डरावनी बात ये है कि--प्रोस्टेट कैंसर के ज्यादातर मामले एडवांस स्टेज में पता चलते हैं। जिसकी वजह से 65% पेशेंट्स बच नहीं पाते।
जब आपको अपने वीर-बजरंगी पर इतना भरोसा है तो उनकी तरह क्यों नहीं बनते। शरीर से निरोगी और फौलादी बनने के लिए आज़माए बाबा रामदेव के ये उपाय
एलईडी लाइट्स हड्डियां कमजोर कर रही है। इसकी वजह से बोन्स डेंसिटी घट रही है। इतना ही नहीं हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की ताजा रिसर्च के मुताबिक एलईडी लाइट्सबच्चों से लेकर बड़ों की नजर की भी दुश्मन हैं। बेवजह घबराहट-मेमोरी लॉस-थकावट हो रही हो तो हो सकता है इसकी वजह, ये चमकीली रोशनी ही हो।
गर्मी बढ़ने से सीज़नल डिजी़ज़ का हमला तेज़ होता है जिससे शरीर को चलाने वाली तीनों बायलॉजिकल एनर्जी यानि त्रिदोष के बीच का संतुलन बिगड़ जाता है। ऐसे में तेज़ी से तपते मौसम के हिसाब से सेहत की हिफाजत के लिए लाइफ स्टाइल का गियर कैसे बदलना है स्वामी रामदेव से जानते हैं।
आज बाबा रामदेव बताएंगे कि कैसे आप अपनी कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर कर सकते हैं साथ ही दिमाग को तेज बनाने के लिए क्या करना चाहिए?
खराब खानपान और सेडेंटरी लाइफस्टाइल का यही हाल रहा तो जर्नल लैसेंट के मुताबिक अगले 25 साल में 44 करोड़ से भी ज्यादा लोग मोटे होंगे..वज़न अनकंट्रोल यानि 100 बीमारियां हमले को तैयार लेकिन अगर आज से बल्कि अभी से योग की आदत अपना ली...
किसने सोचा था..कोरोना के कोहराम में इंडिया टीवी पर योग का एक शो ऐसा बनेगा..जिसके साथ जुड़कर देश ही नहीं..दुनियाभर के लोग, ना सिर्फ उस जानलेवा वायरस को हराएंगे, बल्कि शरीर के हर दुश्मन पर फतह पाएंगे...
अमेरिका के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑन एजिंग' के साइंटिस्ट्स के मुताबिक--मसूड़ों को बीमार बनाने वाले बैक्टीरिया अल्जाइमर की वजह भी बनते हैं...इतना ही नहीं, जिन लोगों में ओरल हाइजीन की समस्या ज्यादा होती हैं उनमें स्ट्रेस-एंग्जायटी और डिप्रेशन ज्यादा देखी जाती है
गुड मॉर्निंग...चेहरे पर काला चश्मा..और सिर के ऊपर ये छतरी देखकर..कहीं आपके मन में, ये सवाल तो नहीं आ रहा कि--भाई सुबह-सुबह इनका क्या काम ?..ये छतरी और काला चश्मा क्यों ?...अगर आप ऐसा सोच रहे हैं..तो जवाब जानने से पहले,सलाह मान लीजिए..और umbrela-shades-साफा-स्कार्फ निकाल लीजिए....
एक नई स्टडी के मुताबिक लोग बिना डॉक्टरी सलाह के दवाइयां ले रहे हैं. खासकर इस मौसम में बुखार-जुकाम होने पर लोग बिना सलाह के दवाई ले लेते हैं, जिसकी वजह से 19% किडनी के बीमार पड़ने का खतरा बढ़ जाता है.
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