क्लाइमेट चेंज का असर बड़ी तेजी से हम सबकी जिंदगी पर भी हुआ है। देखिए वक्त से पहले मॉनसून आ गया। गर्मी और बारिश का मेल होते ही असर सेहत पर दिखने लगा। बिगड़े मौसम की वजह से लोग बोरियत महसूस कर रहे हैं। हर घर में कोई ना कोई इस वक्त सीजनल फ्लू की गिरफ्त में है। इस कंडीशन में जो चीज सबसे ज्यादा हेल्थ एक्सपर्ट की चिंता बढ़ा रही है वो है 'सीजनल ब्लड प्रेशर'। हो सकता है आप में से कई लोग पहली बार इस टर्म को सुन रहे होंगे लेकिन इन दिनों ये हेल्थ इमरजेंसी की वजह बन गया है। दरअसल, कुछ लोगों में ब्लड प्रेशर की प्रॉब्लम मौसम के हिसाब से दिखती है। गर्मी-उमस वाले मौसम में लो बीपी तो सर्दियों में हाई बीपी। और ये उनके लिए घातक साबित होता है जिन्हें टेस्ट के बाद भी ये पता नहीं चलता कि उनको एक्जेक्टली हाई बीपी की परेशानी है या लो बीपी की दिक्कत।
बीपी को लेकर अपने देश में ये बड़ी प्रॉब्लम है क्योंकि--खराब लाइफ स्टाइल की वजह से हर चौथा शख्स हाई बीपी से पीड़ित है जिनमें से आधे लोग अपनी बीमारी से अनजान हैं। वहीं इलाज करवा रहे आधे मरीज ही ब्लड प्रेशर पर कंट्रोल रख पाते हैं। ऐसे में जिनका बीपी मौसम के हिसाब से लो-हाई फ्लक्चूएट करता है।।उनके लिए तो वाकई बड़ी मुश्किल है और तभी तो ऐसे लोगों की हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेल्योर से बेवक्त जान जाने का खतरा रहता है। लाइफ स्टाइल से लेकर खानपान तक।।हर चीज को दुरुस्त करने की जरुरत है। हाथ पे हाथ धरे मत बैठे रहिए योग कीजिए और ब्लड प्रेशर ही नहीं, शरीर के हर सिस्टम को मजबूत बनाइए।
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