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महाराष्ट्र: पिंपरी चिंचवड में जहरीली शराब से 14 लोगों की मौत, तीन पुलिस कर्मी सस्पेंड, घटना की 5 खास बातें

 Reported By: Saket Rai, Edited By: Kajal Kumari
 Published : May 29, 2026 11:55 pm IST,  Updated : May 29, 2026 11:55 pm IST

महाराष्ट्र के पिंपरी चिंचवड में कथित रूप से जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत हो गई। इस मामले में तीन पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इस केस में ऐसे खुलासे हुए हैं जो हैरान करने वाले हैं। जानें घटना से जुड़ी पांच बड़ी बातें...

पिंपरी चिंचवड जहरीली शराब कांड- India TV Hindi
पिंपरी चिंचवड जहरीली शराब कांड

महाराष्ट्र के पुणे और पिंपरी चिंचवड में नकली जहरीली शराब पीने से कुल मिलाकर अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 9 पिंपरी चिंचवड के और 5 पुणे के हड़पसर इलाके के है। पिंपरी चिंचवड़ पुलिस ने जहरीली शराब से मौत मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें मुख्य आरोपी योगेश वानखेड़े जो नकली शराब बनाता था। पिंपरी चिंचवड़ पुलिस ने कर्नल सिंह विरखा उसके बेटे गुरु मंगल सिंह को भी नकली शराब की खेप बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

घटना से जुड़ी खास पांच बातें

  1. राधेश्याम उर्फ राजू प्रजापति से योगेश वानखेड़े शराब खरीदते था। अब इस मामले में वहीं पुणे एक्साइज डिपार्टमेंट ने भी तीन गिरफ्तारियां की हैं। ये सभी शराब डिस्ट्रीब्यूशन के नेक्सस से जुड़े हुए थे। पुणे की हड़पसर पुलिस ने अक्षय जाधव जो पुणे में नकली शराब के डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस को देखता था उसके और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। कर्नल सिंह अपने घर से शराब बेचने का काम करता था लगभग 40 साल से ज्यादा समय से उसका परिवार इस बिजनेस में लगा हुआ है। 

     

  2. मुख्य आरोपी योगेश वानखेड़े जो शराब में मिथेनॉल मिलता और खेप को पुणे और पिंपरी चिंचवड के इलाकों में पहुंचा था एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि योगेश महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी यूनिट स्थापित करने की तैयारी कर रहा था। 
     
  3.   योगेश वानखेडे पिंपरी चिंचवड के राजू प्रजापति और  शराब खरीदता और उसमें मिलावट का काम करता। 
     
  4.  इस शराब को फुगेवाड़ी के कर्नेलसिंह विरका पिंपरी चिंचवड में डिस्ट्रीब्यूशन करने का काम करता तो वही दापोड़ी में पप्पू कुरैशी और हडपसर का आकाश जाधव यह ज़हरीला नशा लोगों तक पहुंचाता। 
     
  5.  आगे पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि कल्पेश अग्रवाल के स्वामित्व वाली एक ताड़ी की दुकान का उपयोग शराब मिलाने के लिए किया गया था। मिलावटी शराब का एक बैच कथित रूप से वडारवाड़ी, शिवाजीनगर, पुणे निवासी आर्यन संजय धोत्रे को भी सप्लाई किया गया था।

हड़पसर पुलिस स्टेशन के तीन पुलिस अधिकारी सस्पेंड

पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में कई लोगों की जान लेने वाली ज़हरीली शराब की त्रासदी के बाद एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पुणे पुलिस प्रशासन ने हड़पसर पुलिस स्टेशन से जुड़े तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंड किए गए अधिकारियों में सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर संजय मोगले, असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर हसीना सिकलगर और पुलिस सब-इंस्पेक्टर हसन मुलानी शामिल हैं। यह कार्रवाई तब की गई जब अधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र में गैर-कानूनी और ज़हरीली देसी शराब के धंधे पर असरदार तरीके से रोक लगाने में नाकामी और सुपरविज़न में गंभीर खामियां मिलीं।

सस्पेंशन ऑर्डर के मुताबिक, हड़पसर पुलिस स्टेशन में क्राइम नंबर 379/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) और महाराष्ट्र प्रोहिबिशन एक्ट, 1949 की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच में पता चला है कि आरोपियों ने कथित तौर पर ज़हरीली चीज़ें मिलाकर नकली देसी शराब बनाई और उसे बेचा, जिससे कई मौतें हुईं और कई नागरिकों की जान खतरे में पड़ गई।

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