लखनऊ: राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी के मामले में यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का अजीब बयान सामने आया है, जिसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। सतीश महाना ने कहा, "जिनका पैसा चोरी हुआ शायद उन्होंने सच्ची श्रद्धा और आस्था से दान नहीं किया। हमने पूरी आस्था से दान किया था, हमारा पैसा मंदिर में लगा है।"
कांग्रेस नेता दीपक सिंह का रिएक्शन भी आया
सतीश महाना के बयान के बाद कांग्रेस नेता दीपक सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई है। दीपक सिंह ने कहा, "अब तो विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी मान लिया है कि श्री राम मंदिर में चंदा चोरी हुई है।"
दीपक सिंह ने कहा, "वो (सतीश महाना) सौभाग्यशाली हैं कि उनके पैसे की चोरी नहीं हुई लेकिन किसी भी राज्य में विधानसभा अध्यक्ष सर्वोच्च होता है। उनके आदेश को अंतिम रूप से माना जाता है। अब तो सरकार को चंपत राय समेत तमाम चढ़ावा चोरों को जेल भेजें। राम के मंदिर को इन चढ़ावा चोरों से मुक्ति दिलाएं । क्योंकि इस राज्य ने ये किया था कि विधानसभा के अध्यक्ष के आदेश के बाद हाई कोर्ट के जज को तलब किया था। क्या विधानसभा अध्यक्ष के बयान के बाद चढ़ावा और चंदा चोर जेल नहीं जाएंगे? क्या मंदिर को चोरों से मुक्ति नहीं मिलेगी? ये बड़ा सवाल है।"
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का क्या मामला है?
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा (चंदा/नकदी) चोरी का मामला हाल ही में देशभर में सुर्खियों में रहा। दरअसल ये मामला मुख्य रूप से मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए नकद चढ़ावे की कथित चोरी और अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप लगे कि मंदिर में आने वाले भक्तों के नकद चढ़ावे की बड़े पैमाने पर चोरी हो रही थी और चोरी करने वाले मंदिर में ही सेवाएं दे रहे थे।
हालही में ये खबर भी सामने आई थी कि चोर फोन पर ही प्लानिंग कर लेते थे कि चोरी कैसे करनी है और ड्यूटी से पहले ही सबके रोल तय होते थे।
इस मामले के तूल पकड़ने के बाद यूपी सरकार SIT का भी गठन किया और पूछताछ में कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया और उनसे लाखों रुपए की नकदी बरामद की गई। इस मामले के सामने आने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद ट्रस्ट के नियम सख्त कर दिए गए। जल्द ही राम मंदिर में CEO की भी नियुक्ति की जाएगी, उसके लिए आवेदन मांगे गए हैं।
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