घुटनों की परेशानी की बात करें तो देश के 15 करोड़ से ज़्यादा लोगों का बुरा हाल है जिसमें सिर्फ बुज़ुर्ग नहीं है बल्कि 20-22 साल के युवाओं की भी अच्छी-खासी तादाद है। करीब 4 करोड़ लोगों को तो तुरंत Knee Replacement की ज़रूरत है। जैसा मौसम आजकल चल रहा है...पहाड़ों में बर्फ पड़ रही है, मैदानी इलाकों में शीतलहर चल रही है। उसमें अगर ध्यान नहीं रखा गया तो ये गिनती और बढ़ सकती है। ये कहानी सिर्फ घुटनों तक ही सीमित नहीं है बल्कि शरीर के हर जोड़ की मुश्किल बढ़ जाती है। हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि एक बार गठिया बीमारी हो गई तो इसे कंट्रोल तो किया जा सकता है लेकिन खत्म नहीं कर सकते। ऐसे में बाबा रामदेव से जानते हैं गठिया को कंट्रोल करने के लिए क्या करना चाहिए?
क्या है आर्थराइटिस के मुख्य कारण?
गठिया होने की मुख्य वजहें खराब लाइफस्टाइल, गलत खानपान, बढ़ा हुआ वजन, मिनरल्स व विटामिन की कमी और हार्मोनल इम्बैलेंस हैं।
गठिया की चपेट में युवा क्यों आ रहे हैं?
भारत में आर्थराइटिस से 18 करोड़ से ज्यादा लोग प्रभावित हैं, जहां हर 5 में से 1 पुरुष और हर 4 में से 1 महिला इसका शिकार है। गठिया की बीमारी आज युवाओं पर इसलिए भारी पड़ रही है क्योंकि लंबे समय तक एक ही पॉश्चर में बैठना, गलत खानपान, ज्यादा वजन और विटामिन D व कैल्शियम की कमी जोड़ों को कमजोर बना रही है।
गठिया के दर्द में राहत पाने के लिए क्या करें?
गठिया दर्द में राहत पाने के लिए सरसों के तेल से मालिश करें, दर्द वाली जगह पर गर्म पट्टी या गर्म पानी-सेंधा नमक की सिकाई करें और स्टीम बाथ लें, जबकि आर्थराइटिस में ठंडी चीज़ें, चाय-कॉफी और टमाटर खाने से परहेज करें।
हड्डियां कैसे बनेंगी मजबूत?
हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए खाने में कैल्शियम बढ़ाएँ, रोज़ 1 कप दूध पिएँ, हल्दी-दूध जरूर लें, सेब का सिरका पिएँ, लहसुन-अदरक खाएँ, गुनगुने पानी में दालचीनी-शहद पिएँ, साथ ही बादाम, अखरोट, पिस्ता, जामुन, गिलोय का काढ़ा, हरसिंगार फूल का रस और हल्दी-मेथी-सौंठ पाउडर का सेवन करें।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)