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प्लास्टिक में छिपा ज़हर शरीर को बना रहा है मरीज, बाबा रामदेव से जानें इनका बढ़ता इस्तेमाल सेहत के लिए है कितना खतरनाक

 Written By: Pankaj Kumar Edited By: Poonam Yadav
 Published : Aug 24, 2025 12:54 pm IST,  Updated : Aug 24, 2025 12:54 pm IST

आजकल खाने से लेकर हर छोटे बड़े काम के लिए प्लास्टिक का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते इसका रेगुलर यूज़ आपकी सेहत के लिए कितना खतरनाक है। बाबा रामदेव से जानिए प्लास्टिक का उपयोग तुरंत क्यों बंद कर देना चाहिए?

प्लास्टिक से सेहत को नुकसान- India TV Hindi
प्लास्टिक से सेहत को नुकसान Image Source : FREEPIK

हम सबकी जेब में पाए जाने वाले नोटों पर इन दिनों बैक्टीरिया और फंगस पंप रहे हैं। रुपये के नोटों पर पाये जाने वाले ये फंगस-बैक्टीरिया, स्किन इंफेक्शन, एलर्जी यहां तक कि सांस की गंभीर बीमारियों तक की वजह बन रहे हैं। डॉक्टर्स के मुताबिक, ये फंगस उन लोगों के लिए जानलेवा है,जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है और जो डायबिटीज के मरीज हैं। नोटों के अलावा एक और जगह है जो फंगस-बैक्टीरिया का अड्डा है और वो हैं हमारे चमचमाते मॉड्यूलर किचन, महंगे बर्तन और स्टाइलिश सेटअप। 

दरअसल, मॉड्यूलर किचन के बंद कैबिनेट और लगातार इस्तेमाल होने वाले बर्तनों में बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं। स्टील और नॉन-स्टिक बर्तनों पर ऑयल और डिटर्जेंट की परत आसानी से चिपक जाती है अगर इन्हें पूरी तरह सूखने से पहले कैबिनेट में रखा जाए तो नमी से फंगस और बैक्टीरिया पनपते हैं।  इतना ही नहीं, प्लास्टिक के डिब्बों में रखे खाने के साथ माइक्रोप्लास्टिक केमिकल्स शरीर में पहुंचते हैं जिससे फूड पॉइजनिंग, स्किन इंफेक्शन, एसिडिटी, हार्मोनल इम्बैलेंस तक हो सकता है और यही वजह है कि आजकल पेट और लिवर की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में बाबा रामदेव बता रहे हैं कि ये घर में चमक दमक काफी नहीं है अच्छी सेहत के लिए साफ-सफाई का ख्याल रखें। तभी बैक्टीरिया-फंगस का हमला भी रुकेगा और बीमारी से भी बचेंगे।

किसमें कितना प्लास्टिक?

एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्लास्टिक बोतल में प्रति लीटर 94 कण, पानी के नल में प्रति ग्राम 4 कण और हवा में प्रति क्यूबिक मीटर 9 कण प्लास्टिक पाया गया है।

क्यों खतरनाक है प्लास्टिक का इस्तेमाल?

गर्म होने पर प्लास्टिक से निकलने वाले हानिकारक केमिकल खाने में मिल जाते हैं, जिससे शरीर में हॉर्मोन्स का संतुलन बिगड़ सकता है और यही वजह है कि प्लास्टिक खतरनाक है।

प्लास्टिक की चीजें इनसे करें रिप्लेस

प्लास्टिक के बढ़ते इस्तेमाल को कम करने के लिए प्लास्टिक ईयर बड्स की जगह वुड स्टिक वाले, बलून स्टिक की जगह बांस, प्लास्टिक के चम्मच-कांटे की जगह स्टील या बांस के, प्लास्टिक चाकू की जगह लकड़ी के और प्लास्टिक ट्रे की जगह लकड़ी, स्टील या पकी हुई मिट्टी की ट्रे का इस्तेमाल करना चाहिए।

इन चीजों से भी कर लें तौबा

सेहतमंद रहने के लिए लो क्वालिटी नॉनस्टिक, एल्युमीनियम बर्तन, प्लास्टिक कंटेनर्स और एल्युमीनियम फॉयल को अपनी रसोई से तुरंत हटा दें। स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए रसोई में लोहे और स्टील के बर्तन, कॉपर की बोतल और माइक्रोवेव के लिए कांच के बर्तनों का इस्तेमाल करना चाहिए।

प्लास्टिक के बढ़ते खतरे को कम करने के लिए करें ये काम

प्लास्टिक के बढ़ते खतरे को देखते हुए, इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए रोज़ योग-प्राणायाम, गिलोय और हल्दी वाला दूध लें, साथ ही विटामिन-C के लिए खट्टे फल खाएं और बाहर निकलते समय मास्क ज़रूर पहनें। कैंसर से बचाव के लिए प्रोसेस्ड फूड, तली-भुनी चीज़ें, रेड मीट और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स के सेवन से बचें। व्हीटग्रास, गिलोय, एलोवेरा, नीम, तुलसी और हल्दी जैसी प्राकृतिक चीज़ें कैंसर से लड़ने में काफी कारगर मानी जाती हैं।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

 

 

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