आजकल लोगों की जीवनशैली इतनी व्यस्त हो गई है कि नियमित खान-पान नहीं हो पाता है। यही कारण है कि लोग जल्दी ही किसी भी रोग से ग्रसित हो जाते हैं। बढ़ता तनाव और बाहर का खाना दोनों मिलकर पाचन शक्ति को कमजोर बना देते हैं और फिर शुरू होती है गैस की समस्या, अपच, पेट फूलना और कब्ज। ऐसी परिस्थिति में अक्सर लोग दवाई लेकर लक्षण से निजात तो पा लेते हैं लेकिन समस्या को जड़ से समाप्त नहीं कर पाते हैं। आयुर्वेद के अनुसार गैस की समस्या न सिर्फ खान पान के कारण बल्कि वात दोष के असंतुलन और कमजोर पाचन शक्ति के कारण होती है।
आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा की मानें तो, मामूली सी दिखने वाली इस समस्या का इलाज अगर सही समय पर न किया जाए तो कब्ज, एसिडिटी, सिरदर्द और शरीर में भारीपन जैसी अन्य परेशानियों का कारण बन सकती है। आयुर्वेद में ऐसी समस्या के लिए जीवनशैली में सुधार को अपनाने पर जोर दिया गया है।
गैस बनने के प्रमुख कारण
-
रात में देरी से भोजन करना
-
अत्यधिक तेल मसाले वाला भोजन करना
-
खाना खाने के बाद सो जाना
-
डाइट में अत्यधिक कैफीन युक्त पदार्थ को शामिल करना
-
बहुत ज्यादा स्ट्रेस
-
लंबे समय तक भूखा रहना
-
भोजन को अच्छे से चबाकर न खाना
गैस दूर करने के प्रभावी आयुर्वेदिक उपाय
अजवाइन और काला नमक- पेट की किसी भी समस्या के लिए अजवाइन बहुत फायदेमंद होता है। अगर आपको गैस की समस्या है तो आप एक चम्मच अजवाइन को काला नमक और गुनगुने पानी के साथ ले सकते हैं। इससे गैस या अपच की समस्या में आराम मिलता है।
हींग का सेवन- हींग के सेवन से वात दोष को संतुलित किया जा सकता है। आप चाहें तो इसे गुनगुने पानी के साथ पी सकते हैं। गैस की समस्या होने पर पेट पर हींग का लेप लगाना भी फायदेमंद हो सकता है।
जीरा और सौंफ का पानी- पाचन शक्ति कमजोर हो जाने पर लोगों को जीरा और सौंफ का सेवन करने की सलाह दी जाती है। इससे गैस की समस्या में भी राहत मिलती है। आप चाहें तो भोजन के बाद सौंफ को चबाकर भी खा सकते हैं या इसका पानी उबलकर पी सकते हैं।
अदरक का उपयोग- आयुर्वेद में अदरक को एक ऐसी औषधि के रूप में जाना जाता है जो पाचन अग्नि को बढ़ाता है। अगर आप भोजन से पहले थोड़ा सा अदरक लेकर उसे नींबू और सेंधा नमक के साथ खा लें तो खाना पचाने में आसानी होती है और गैस भी नहीं बनता है।
खान-पान में रखें ये सावधानियां
-
भोजन हमेशा उचित समय पर ही करें
-
रात्रि भोजन ज्यादा भारी न करें
-
अपने आहार में तेल वाले पदार्थों को शामिल न करें
-
फास्ट फूड का सेवन न करें
-
खाना खाने के तुरंत बाद पानी न पिएं
-
रात के भोजन में दही जैसी ठंडी चीजों को शामिल न करें
-
भोजन को आराम से चबाकर खाएं
योग और दिनचर्या भी है जरूरी
आयुर्वेद में बताया गया है कि केवल दवा से आप किसी भी रोग से मुक्ति नहीं पा सकते हैं इसके लिए आपको नियमित योगाभ्यास और जीवनशैली में परिवर्तन लाना होगा। गैस की समस्या में विशेष रूप से लाभकारी योगासन भी हैं।
-
पवनमुक्तासन
-
वज्रासन
-
भुजंगासन
-
अनुलोम-विलोम प्राणायाम