Adhik Maas Ke Pehle Shaniwar Ke Upay: अधिकमास का पहला शनिवार शनिदेव को प्रसन्न करने और शनि दोष से राहत पाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में इस दिन किए गए दान और उपायों को विशेष फलदायी बताया गया है। खासतौर पर छाया दान का उपाय शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या को कम करने में लाभकारी बताता है। चलिए जानते हैं अधिकमास के पहले शनिवार को छाया दान क्यों करना चाहिए और इसकी पूरी विधि क्या है।
शनिवार और शनि पूजा का महत्व
शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित है। इस दिन किए गए दान-पुण्य और पूजा-पाठ से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। खासकर जरूरतमंदों को दान देना और गरीबों की मदद करना शनि कृपा पाने का सबसे सरल उपाय माना गया है। अधिकमास में किए गए धार्मिक कार्यों का महत्व और भी बढ़ जाता है।
क्या होता है छाया दान
छाया दान शनि दोष को शांत करने का एक प्राचीन और बेहद ही प्रभावी उपाय माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने वालों पर शनि देव की कृपा बरसती है। साथ ही व्यक्ति की नकारात्मक ऊर्जा और कष्ट दूर होने लगते हैं।
छाया दान की पूरी विधि
- शनिवार के दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान आदि से निवृत होकर साफ और स्वच्छ कपड़े पहनें। घर के पूजा स्थान या शनिदेव की प्रतिमा के सामने बैठकर उनका ध्यान करें। अब एक लोहे या स्टील का बर्तन लें। शनि देव की पूजा में लोहे का विशेष महत्व है।
- इस बर्तन में शुद्ध सरसों का तेल भरें और एक सिक्का डालें। अब पात्र को अपने सामने रखें और तेल में अपना चेहरा देखें। यही छाया दान की मुख्य प्रक्रिया है।
- मान्यता है कि जब व्यक्ति तेल में अपनी छाया देखता है तो उसकी नकारात्मकता, दुख और शनि से जुड़ी बाधाएं उस तेल में समाहित हो जाती हैं। इस दौरान शनिदेव से अपने जीवन के संकट, रोग, आर्थिक तंगी, कोर्ट-कचहरी के मामलों और मानसिक तनाव को दूर करने की प्रार्थना करनी चाहिए।
- इसके बाद तेल से भरे उस बर्तन को किसी गरीब, जरूरतमंद, मजदूर या असहाय व्यक्ति को दान कर दें। ध्यान रखें कि तेल को बर्तन सहित दान करना है। अगर संभव हो तो किसी शनि मंदिर में जाकर तेल सहित कटोरी अर्पित कर दें।
- दान करते समय मन ही मन 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करना बेहद शुभ माना गया है। श्रद्धा और नियम के साथ किया गया यह उपाय शनिदेव की कृपा दिलाता है।
पांच शनिवार तक करें यह उपाय
अधिकमास के पहले शनिवार के बाद भी आप इस उपाय को कर सकते हैं। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति लगातार पांच शनिवार तक छाया दान करता है तो शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का बुरा प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगता है। माना जाता है कि इससे जीवन में सकारात्मकता आती है और रुके हुए कार्यों में भी सफलता मिलने लगती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)