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Garun Puran: मृत व्यक्ति की ये 3 चीजें कभी नहीं करनी चाहिए इस्तेमाल, गरुड़ पुराण में बताया का कारण

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : May 14, 2026 08:39 pm IST,  Updated : May 14, 2026 08:39 pm IST

Garun Puran: गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के बाद कुछ वस्तुओं का उपयोग वर्जित माना गया है, क्योंकि उनसे नकारात्मक ऊर्जा जुड़ी हो सकती है। जानिए मृत व्यक्ति की वो कौन सी 3 चीजे हैं, जिसे इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

Garud Puran- India TV Hindi
मृत व्यक्ति की ये 3 चीजें कभी नहीं करनी चाहिए इस्तेमाल Image Source : INDIA TV

Garud Puran: हिंदू धर्म के प्राचीन ग्रंथ गरुड़ पुराण में जीवन और मृत्यु से जुड़े कई गहरे रहस्यों और नियमों का वर्णन मिलता है। मृत्यु के बाद केवल शरीर ही पंचतत्व में विलीन होता है, लेकिन कुछ समय तक आत्मा का जुड़ाव उन वस्तुओं से बना रह सकता है जो व्यक्ति को प्रिय थीं। इसी कारण मृत व्यक्ति की वस्तुओं के उपयोग को लेकर कई धार्मिक सावधानियां बताई गई हैं, जिनका पालन करना शुभ माना जाता है।

मृतक की 3 चीजें जिन्हें नहीं करना चाहिए इस्तेमाल

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मृत व्यक्ति की कुछ चीजें कभी भी उपयोग में नहीं लेनी चाहिए। इनमें प्रमुख रूप से कपड़े, गहने और घड़ी शामिल हैं। कहा जाता है कि ये चीजें व्यक्ति से भावनात्मक रूप से जुड़ी होती हैं और इनमें उसकी स्मृतियां भी बनी रहती हैं। इन्हें उपयोग करने से मानसिक और आध्यात्मिक रूप से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए इन्हें सम्मानपूर्वक अलग कर देना उचित माना जाता है।

क्या करें मृतक की वस्तुओं का?

शास्त्रों के अनुसार मृत्यु के बाद 10 से 13 दिन तक सूतक काल माना जाता है, जिसमें विशेष सावधानी रखी जाती है। इस दौरान मृतक की वस्तुओं को दान करना सबसे श्रेष्ठ उपाय माना गया है। अगर चीजें कीमती हों तो सूतक के बाद गंगाजल से शुद्धिकरण और पूजा के बाद उनका उपयोग किया जा सकता है। लेकिन बिस्तर जैसे सामान को बदल देना ही सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है ताकि किसी प्रकार की नकारात्मकता न रहे।

मृत व्यक्ति के बिस्तर को लेकर क्या है मान्यता

गरुड़ पुराण के अनुसार व्यक्ति का अपने बिस्तर और निजी वस्तुओं से गहरा लगाव होता है। मान्यता है कि मृत्यु के बाद भी कुछ समय तक आत्मा अपने घर और प्रिय चीजों के आसपास सूक्ष्म रूप में उपस्थित रह सकती है। ऐसे में मृत व्यक्ति के बिस्तर का उपयोग करने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव पड़ सकता है। यदि मृत्यु लंबी बीमारी के कारण हुई हो, तो उस स्थान पर मानसिक और शारीरिक असर भी महसूस हो सकता है। इसके अलावा कई बार व्यक्ति को डरावने सपने या मानसिक बेचैनी का अनुभव भी हो सकता है।

धार्मिक मान्यता का संदेश

गरुड़ पुराण के अनुसार मृतक की वस्तुओं के प्रति सम्मान रखना केवल परंपरा नहीं, बल्कि आत्मा की शांति और परिवार की सकारात्मक ऊर्जा से भी जुड़ा है। इन नियमों का पालन करने से न केवल मृत आत्मा को शांति मिलती है, बल्कि घर का वातावरण भी शुद्ध और सकारात्मक बना रहता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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