भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता होने की खबर के बाद मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 119 पैसे की जोरदार बढ़त के साथ 90.30 पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ में कटौती की घोषणा से पूरी तस्वीर बदल गई है। इससे दुनिया के सामने भारत की स्थिति मजबूत हुई है और भारतीय बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों की वापसी के दरवाजे खुल गए हैं।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.30 पर खुला रुपया
इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.30 पर खुला, जो पिछले बंद स्तर 91.49 के मुकाबले 119 पैसे की बढ़त दर्शाता है। इस बीच, 6 प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दिखाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.20 प्रतिशत गिरकर 97.43 पर था। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.41 प्रतिशत की गिरावट के साथ 66.03 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
घरेलू शेयर बाजार में भी जोरदार तेजी
बताते चलें कि मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में भी भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता होने की खबर का व्यापक असर देखने को मिला। आज बीएसई सेंसेक्स 3656.74 अंकों (4.48%) की जोरदार उछाल के साथ 85,323.20 अंकों पर खुला। जबकि, एनएसई के निफ्टी 50 इंडेक्स ने भी 1219.65 अंकों (4.86%) की बंपर तेजी के साथ 26,308.05 अंकों पर कारोबार की शुरुआत की।
डोनाल्ड ट्रंप ने किया भारत के साथ ट्रेड डील का ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोमवार को भारत के साथ ट्रेड डील की घोषणा करते हुए टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का ऐलान किया था। ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर हुई बातचीत के बाद ये ऐलान किया था। डोनाल्ड ट्रंप ने अभी सिर्फ 25 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत किया है, जबकि रूस से कच्चा तेल खरीदने की वजह से लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ अभी भी प्रभावी है।
रूसी तेल की खरीद बंद होने के बाद हटाया जाएगा 25% अतिरिक्त टैरिफ
वाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिका, भारत पर रूसी तेल खरीदने के लिए लगाए गए 25 फीसदी टैरिफ को भी हटा देगा क्योंकि भारत ने रूस से तेल की खरीद को कम किया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि 25 प्रतिशत के अतिरिक्त टैरिफ को हटाने के लिए भारत को रूस से कच्चे तेल की खरीद को पूरी तरह से बंद करना होगा।



































