इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया डॉलर के मुकाबले 89.89 पर खुला और कारोबार के दौरान 89.95 के निचले और 89.84 के ऊपरी स्तर तक पहुंचा।
फॉरेन एक्सचेंज ट्रेडर्स ने कहा कि रिस्क से बचने की धारणा और इंपोर्टरों की ओर से डॉलर की मजबूत मांग ने निवेशकों की धारणाओं को और कमजोर किया है।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने सितंबर में 23,885 करोड़ रुपये, अगस्त में 34,990 करोड़ रुपये और जुलाई में 17,700 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर पैसे निकाले गए थे।
आज के दौर में जब भी हम जेब से 100, 200 या 500 रुपये का नोट निकालते हैं, तो हमें उसकी केवल लिखी हुई वैल्यू नजर आती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इन नोटों और सिक्कों को बनाने में सरकार को असल में कितना खर्च करना पड़ता है?
इंटरबैंक फॉरेन करेंसी एक्सचेंज मार्केट में रुपया 85.02 पर खुला और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दिन के कारोबार के उच्चस्तर 84.78 और निचले स्तर 85.18 के बीच घूमता रहा।
Dollar Vs Rupee: डॉलर इंडेक्स 0.34% गिरकर 98.67 पर आ गया है। करीब दो महीने पहले डॉलर इंडेक्स 110 पर पहुंच गया था।
इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपये में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। ये 85.95 पर खुला और फिर इसने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 85.11 के ऊपरी स्तर और 86.10 के निचले स्तर को छुआ।
₹ सिंबल डीएमके के पूर्व विधायक के बेटे ने बनाया था। इसे कांग्रेस सरकार के समय सबसे सामने लाया गया और पूरी दुनिया में स्वीकार किया गया। उस समय डीएमके नेता ने कहा था कि उनके बेटे ने तमिल को गर्व महसूस कराया है, लेकिन अब उस सिंबल को बदल दिया गया है।
पिछले कुछ हफ्तों में रुपया लगभग हर दिन नए निचले स्तर को छू रहा है। पिछले दो सत्रों में 13 पैसे की गिरावट के बाद गुरुवार को डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा 12 पैसे गिरकर 85.27 पर आ गई थी।
इंटरबैंक फॉरेन करेंसी एक्सचेंज मार्केट में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 84.07 पर खुला। कारोबार के दौरान ये 84.06 के उच्चस्तर और 84.12 के निचले स्तर के बीच कारोबार के बाद आखिर में चार पैसे की गिरावट के साथ 84.11 प्रति डॉलर (अस्थायी) के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ।
अमेरिका की खराब जॉब रिपोर्ट से शुरू हुआ गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है और इसका पूरी दुनिया पर व्यापक असर देखने को मिल रहा है। सबसे पहले इसका असर शेयर बाजारों पर दिखा और अब करेंसी भी इसकी चपेट में आ गई है।
सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर दावा किया जा रहा है कि स्टार चिह्न वाला 500 रुपये का नोट नकली है। हालांकि इस दावे की जब इंडिया टीवी ने जांच को तो हकीकत कुछ और ही निकली। चलिए बताते हैं इस दावे की सच्चाई क्या है।
भारतीय रिजर्व बैंक का यह कदम घरेलू मुद्रा के अंतरराष्ट्रीय लेवल पर महत्वपूर्ण मुद्रा बनाने की रणनीतिक योजना का हिस्सा है। आरबीआई ने कहा कि उसने 2024-25 के लिए रणनीतिक कार्ययोजना को आखिरी रूप दे दिया है।
नोट पर जो आप गांधी जी की तस्वीर देखते हैं क्या आपने कभी सोचा है कि ये तस्वीर कब और कहां ली गई थी। अगर नहीं तो आज इसके बारे में जान लीजिए।
भारत का रुपया इन देशों की करंसी की कीमत से ज्यादा है। आपको यकीन नहीं होगा कि यहां का गरीब आदमी कुछ देशों में जाकर बहुत अमीर हो जाएगा।
30 सितंबर तक 2000 रुपये का यह नोट वैध माना जाएगा। 2000 रुपये के नोट के बंद होने की घोषणा के बाद एक बार फिर राजनीति तेज हो गई है। क्योंकि विपक्षी दलों द्वारा केंद्र सरकार पर फिर से निशाना साधा जा रहा है और 2016 में नोटबंदी की याद दिलाया जा रहा है।
अगर आपको ऐसा लगता है कि 2 हजार रुपये का नोट हमारी भारतीय मुद्रा में सबसे बड़ा नोट है तो आप गलत हैं। क्योंकि इससे पहले भारतीय करेंसी में 10 हजार रुपये का भी नोट हुआ करता था।
हम सबने न जाने कब से 2000 हजार रुपये का नोट नहीं देखा है, लेकिन इसके नदारद होने की वजह क्या है आपने क्या यह जानने की कोशिश है? आज हम आपको 2000 रुपए के नोट से जुड़े अपडेट के बारे में जानकारी देने वाले हैं।
कोर्ट ने केंद्र सरकार के 2016 में 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों को बंद करने के फैसले को बरकरार रखा है। आइए जानते हैं कि जाली नोट का पता कैसे लगा सकते हैं?
सभी के मन में यह भी सवाल उठता है कि भारत में करेंसी नोट पर छपने वाली तस्वीरें कौन तय करता है और इससे जुड़े नियम एवं कानून क्या हैं।
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