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Kitchen Vastu: एक ही स्लैब पर चूल्हा और सिंक? जानें वास्तु के नुकसान और बिना तोड़फोड़ कैसे होगा बैलेंस

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Feb 28, 2026 09:10 pm IST,  Updated : Feb 28, 2026 09:10 pm IST

Stove and Sink Vastu: वास्तु में चूल्हा आग तत्व और सिंक पानी तत्व का प्रतीक है। जब ये दोनों एक ही सतह पर होते हैं, तो इसे ऊर्जा का टकराव माना जाता है। इससे घर में तनाव, अनचाहे खर्च और छोटी परेशानियां बढ़ने की आशंका बताई जाती है। ऐसे में कुछ आसान उपाय अपनाकर संतुलन बना सकते हैं।

Stove and Sink Vastu- India TV Hindi
चूल्हा और सिंक साथ क्यों नहीं माने जाते शुभ Image Source : PEXELS

Stove and Sink Vastu Tips: घर की रसोई केवल खाना बनाने की जगह नहीं होती, बल्कि इसे परिवार की सेहत, समृद्धि और ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है। लेकिन कई बार किराए के घर या पहले से बने फ्लैट में किचन का डिजाइन बदला नहीं जा सकता। ऐसी ही एक आम स्थिति है चूल्हा और सिंक का एक ही स्लैब पर होना। वास्तु के अनुसार इसे आदर्श नहीं माना जाता। ऐसे में छोटे-छोटे उपायों से माहौल को संतुलित किया जा सकता है। जानें ऐसे ही कुछ आसान वास्तु उपाय

चूल्हा और सिंक साथ क्यों नहीं माने जाते शुभ?

वास्तु शास्त्र के अनुसार, चूल्हा अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि सिंक जल तत्व का। आग और पानी स्वभाव से विपरीत माने जाते हैं। जब ये दोनों एक ही स्लैब पर या बहुत करीब होते हैं, तो इसे ऊर्जा का संघर्ष माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में बेवजह तनाव, आपसी मतभेद और आर्थिक असंतुलन जैसी स्थितियां बन सकती हैं। साथ ही किचन में काम करने वाले व्यक्ति को मानसिक थकान या बेचैनी भी महसूस हो सकती है।

हर घर में किचन का लेआउट बदल पाना आसान नहीं होता। ऐसे में कुछ सरल उपाय अपनाकर स्थिति को संतुलित किया जा सकता है।

लकड़ी का पार्टिशन 

चूल्हा और सिंक के बीच लकड़ी का छोटा बोर्ड या पतला पार्टिशन रखना एक आसान उपाय माना जाता है। लकड़ी को संतुलन का प्रतीक माना जाता है, जो अग्नि और जल के बीच सामंजस्य बनाने में मदद करती है। यह पार्टिशन बड़ा नहीं होना चाहिए, बस इतना कि दोनों के बीच अलगाव का संकेत दे सके।

पौधा बनाएगा बैलेंस

हरा रंग संतुलन और विकास का प्रतीक माना जाता है। चूल्हा और सिंक के बीच छोटा सा हरा पौधा जैसे मनी प्लांट या कोई पत्तेदार पौधा रखा जा सकता है। इससे न केवल सकारात्मकता का भाव बढ़ता है, बल्कि किचन की सजावट भी बेहतर दिखती है। ध्यान रखें कि पौधा हमेशा ताजा और स्वस्थ रहे।

क्रिस्टल या पिरामिड है प्रभावशाली

कुछ लोग वास्तु संतुलन के लिए चूल्हा और सिंक के बीच या पास में छोटा क्रिस्टल या पिरामिड रखते हैं। मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और जगह का वातावरण संतुलित रहता है। यह सजावट का हिस्सा भी बन सकता है।

सिंक हो साफ और सूखा

सिंक में लगातार पानी जमा रहना जल तत्व को अधिक सक्रिय मानता है। इसलिए बर्तन धोने के बाद सिंक को पोंछकर सूखा रखना अच्छा माना जाता है। साफ-सफाई से न केवल वास्तु संतुलन बल्कि स्वच्छता भी बनी रहती है।

इस्तेमाल न होने पर चूल्हा ढक दें

अगर चूल्हा और सिंक बहुत पास हैं, तो काम खत्म होने के बाद चूल्हे को ढक देना एक सरल उपाय है। इससे अग्नि तत्व की सक्रियता कम मानी जाती है और दोनों तत्वों का सीधा प्रभाव घटता है। आजकल बाजार में स्लैब कवर आसानी से उपलब्ध हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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