आज यानी 9 अगस्त को सावन माह की पहली एकादशी का व्रत रखा गया है। एकादशी व्रत में पारण तिथि का भी विशेष महत्व होता है। पारण यानी व्रत खोलना। कामिका एकादशी का पारण 10 अगस्त 2026 को किया जाएगा। इस दिन सावन माह का दूसरा सोमवार भी है। सावन सोमवार के दिन भक्तगण व्रत रखकर भोलेनाथ और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करते हैं। हिंदू धर्म में दोनों ही व्रत अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं बता दें कि एकादशी का व्रत पारण के बिना पूर्ण नहीं माना जाता है। वहीं सावन सोमवार व्रत का पारण मंगलवार को किया जाएगा। ऐसे में जो लोगों एकादशी और सावन सोमवार का व्रत रखते हैं वो बहुत असमंजस में है कि एकादशी पारण के दिन व्रत कैसे खोलें। तो चलिए जानते हैं कि सावन व्रत के साथ एकादशी का पारण कैसे करें।
सावन सोमवार के दिन एकादशी व्रत का पारण कैसे करें?
एकादशी व्रत का पारण अन्न खाकर किया जाता है लेकिन इस दिन अगर कोई दूसरा व्रत हो तो उस स्थिति में गंगाजल और तुलसी का पत्ता खाकर पारण कर सकते हैं। तुलसी दल या जल ग्रहण करते ही आपका एकादशी व्रत धार्मिक रूप से पूर्ण हो जाता है। इसके अलावा आप चरणामृत, मौसमी फल, दूध या ड्राई फ्रूट्स खाकर भी एकादशी व्रत का पारण कर सकते हैं। इस तरह आप बिन्ना अन्न खाएं एकादशी का पारण भी कर लेंगे और आपका सोमवार का व्रत भी नहीं टूटेगा और यह शास्त्रों में सही भी माना गया है।
एकादशी पारण का शुभ समय
कामिका एकादशी का पारण 10 अगस्त 2026 को किया जाएगा। पारण का शुभ समय सोमवार को सुबह 6 बजकर 18 मिनट से सुबह 8 बजे तक रहेगा। इस दिन द्वादशी तिथि सुबह 8 बजे समाप्त होगी। बता दें कि एकादशी का पारण द्वादशी तिथि में ही किया जाता है। एकादशी व्रत का पारण हरि वासर के दौरान भी नहीं करना चाहिए। सावन के दूसरे सोमवार के दिन भोलेनाथ की पूजा के लिए ये मुहूर्त सबसे अधिक शुभ रहेंगे।
सावन सोमवार के दिन एकादशी पारण करने की सही विधि
- पारण के दिन प्रात:काल उठकर स्नान आदि करें साफ कपड़े पहन लें।
- इसके बाद भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और भोलेनाथ की पूजा विधि-विधान के साथ करें।
- शिवलिंग का जल, दूध और बेलपत्र से अभिषेक करें।
- अब नारायण-लक्ष्मी के साथ भगवान शिव को भी भोग लगाएं।
- एकादशी तिथि समाप्त होने के बाद और पारण काल के अंदर ही जल, तुलसी दल या फलाहार से पारण करें।
- पारण के समय किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को अन्न, धन का दान करें। ऐसा करना अत्यंत ही शुभ माना जाता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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