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क्या है MuleHunter टूल? RBI के इस प्लेटफॉर्म से फ्रॉड पर लगेगा लगाम, अकाउंट किराए पर देकर फंस रहे लोग

Edited By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh Published : Feb 12, 2026 02:45 pm IST, Updated : Feb 12, 2026 02:48 pm IST

सरकार ने साइबर फ्रॉड के इकोसिस्टम को ध्वस्त करने के लिए बड़ी तैयारी कर ली है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने म्यूलहंटर (MuleHunter) टूल को अडॉप्ट करने की बात कही है।

What is mulehunter AI Tool- India TV Hindi
Image Source : UNSPLASH क्या है म्यूल हंटर?

ऑनलाइन फ्रॉड से लोगों को बचाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने MobileHunte AI टूल के यूनिवर्सल अडॉप्शन की बात की है। इस टूल के जरिए साइबर क्रिमिनल्स के इकोसिस्टम को तोड़ा जा सकेगा। इस टूल को दिसंबर 2024 में लॉन्च किया गया था।

क्या है MuleHunter टूल?

इस टूल (MuleHunter.ai) को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के इनोवेशन हब ने केंद्र सरकार के साथ मिलकर बनाया है। यह एक एआई ड्रिवन टूल है, जो रियल टाइम में म्यूल अकाउंट्स की पहचान कर सकता है यानी ऐसे अकाउंट्स को फ्लैग करता है, जिसका इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर क्राइम में किया जाता है। यह टूल मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके बैंक ट्रांजैक्शन को मॉनिटर करता है। इसकी मदद से बैंक को म्यूल अकाउंट्स की जानकारी मिलती है। MuleHunter टूल के जरिए हर महीने 20 हजार म्यूल अकाउंट्स डिटेक्ट किया जा सकता है।

क्या हैं म्यूल अकाउंट्स?

बैंकिंग टर्म में म्यूल अकाउंट्स उन बैंक अकाउंट्स को कहा जाता है, जो फाइनेंशियल फ्रॉड में साइबर ठगी के पैसे इधर से उधर करने में मदद करते हैं। म्यूल अकाउंट्स वो अकाउंट्स होते हैं, जिन्हें अकाउंट होल्डर्स यूज नहीं करते हैं। वो अपने अकाउंट्स को किराए पर साइबर क्रिमिनल्स को देते हैं। थोड़ी सी कमाई के लिए अकाउंट किराए पर देने की वजह से लोग साइबर क्राइम की दलदल में फंस भी रहे हैं।

साधारण भाषा में कहा जाए तो जिस तरह म्यूल यानी खच्चर का इस्तेमाल इधर से उधर सामान ढोने के लिए किया जाता है, उसी तरह म्यूल अकाउंट्स का इस्तेमाल साइबर क्रिमिनल्स करते हैं। साइबर अपराधी कभी भी अपने अकाउंट्स में सीधे पैसे नहीं मंगाते हैं। वो ऐसे ही म्यूल अकाउंट्स का इस्तेमाल करते हैं, ताकि उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो।

सरकार की बड़ी कार्रवाई

CBI और I4C द्वारा आयोजित इवेंट में बोलते हुए गृह मंत्री ने कहा कि दुनियाभर में होने वाला हर दूसरा ऑनलाइन ट्रान्जैक्शन भारत में हो रहा है। 2024 में 181 अरब UPI ट्रांजैक्शन किए गए हैं, जिनकी वैल्यू 233 ट्रिलियन रुपये है। उन्होंने ये भी बताया कि साइबर सिक्योरिटी अब राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बन गया है। सरकार ने मुस्तैदी से साइबर फ्रॉड में चोरी हुए 20 हजार करोड़ में से 8,189 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं। ये एक बड़ी उपलब्धि है। दिसंबर 2025 तक 12 लाख फर्जी सिम कार्ड ब्लॉक किए गए। 3 लाख मोबाइल डिवाइस के IMEI को ब्लॉक किया गया है। साइबर फ्रॉड मामलों में 20,853 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

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