सितंबर में अचानक क्यों आया इतना आंधी-पानी? जो यूपी से छत्तीसगढ़ तक मच गई तबाही! घर-दुकानों में भरा पानी
अचानक भारी बारिश यूपी से पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ का हाल बेहाल है। कई जगहों पर पानी भर गया। पानी ने घरों और दुकानों तक में घुसपैठ कर दी। आइए जानते हैं कि इसकी वजह क्या है।

सितंबर महीने के आखिरी हफ्ते में सैलाबी आफत से देश के 14 से ज्यादा राज्यों में तबाही मची है। नॉर्थ ईस्ट से लेकर उत्तराखंड और हिमाचल के पहाड़ों तक मौसम ने करवट ली है। यूपी, बिहार, ओडिशा, बंगाल में भारी बारिश के बाद जलभराव से हालात बिगड़ गए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, 29 सितंबर तक छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, बंगाल में मूसलाधार बारिश का रेड अलर्ट है। यूपी के 63 जिले इस वक्त तेज बारिश की चपेट में हैं। लगातार बारिश के चलते लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर के सिटी इलाके फ्लड जोन में तब्दील हो चुके हैं। सड़कों पर दरिया बह रहा है। लोगों के घर-मकान सैलाब की चपेट में हैं। आइए जानते हैं कि इसकी वजह क्या है।
यूपी से छत्तीसगढ़ तक आंधी-पानी से आफत!
हालांकि, हालात बिगड़ने के बाद ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड में SDRF और NDRF की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाया गया है। बिहार की कोसी और गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पश्चिम बंगाल के भी कई जिले पानी की मार झेल रहे हैं। बंगाल के समंदर से सटे इलाकों में तेज हवाओं के साथ समंदर में ऊंची लहरें उठ रही हैं। लोगों को सावधान रहने की हिदायत जारी की गई है। उधर, यूपी में भी वज्रपात और बारिश के प्रहार से कई जिलों में भारी नुकसान की खबर है। वहीं, पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के चलते भी मौसम का मिजाज बदल गया है। उत्तराखंड और हिमाचल के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी हुई है।
अचानक क्यों हो रही इतनी बारिश?
मौसम विभाग के मुताबिक, यह ताजा बारिश का दौर ऐसे वक्त में आया है जब साउथ छत्तीसगढ़ और आस-पास के इलाकों में बना हुआ डीप डिप्रेशन सेंट्रल और ईस्ट इंडिया के मौसम को प्रभावित कर रहा है। यह सिस्टम नॉर्थ-नॉर्थ-वेस्ट की तरफ बढ़ रहा है, जिससे नमी वाली हवाएं आ रही हैं। इसके रास्ते में बड़े पैमाने पर बारिश हो रही है।
डीप डिप्रेशन कैसे बनता है?
समुद्र में Deep Depression वायुमंडलीय दबाव में भारी कमी और समुद्री सतह के गर्म होने के कारण बनता है। जब समुद्र की सतह का टेंपरेचर जब 26 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा होता है, तब वहां की हवा गर्म होकर ऊपर उठ जाती है। फिर, गर्म हवा के ऊपर उठ जाने से उस जगह पर खाली स्थान बन जाता है और हवा का प्रेशर बहुत कम हो जाता है, जिसे Low Pressure Area कहते हैं। जब यह Low Pressure Area और ज्यादा मजबूत हो जाता है और हवा की रफ्तार 31 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक होती है, तो इसे सामान्य डिप्रेशन कहते हैं। लेकिन जब हवा की स्पीड बढ़कर 51 से 62 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच जाती है, तब इसे डीप डिप्रेशन कहा जाता है।
भारी बारिश यूपी के करीब 63 जिले प्रभावित
बता दें कि यूपी में लगातार बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लखनऊ, कानपुर, गोंडा, श्रावस्ती, गोरखपुर समेत 63 जिले इस वक्त मूसलाधार मार की चपेट में हैं। लगातार बारिश जारी है। रिहायशी इलाकों में पानी भरा हुआ। सड़कों पर दरिया बह रहा है। भारी बारिश के चलते हालात बिगड़ते जा रहे हैं। गोरखपुर, देवरिया, मऊ, बलिया के ग्रामीण इलाकों में बारिश और आंधी तूफान के चलते पावर कट है। सैकड़ों स्पॉट पर पेड़-पोल गिरने की रिपोर्ट है।
लखनऊ में टूटा बारिश का 15 साल का रिकॉर्ड
उधर, लखनऊ में बारिश ने 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। कानपुर में भी 45 साल का रिकॉर्ड टूटा है। लगातार बारिश से गांव, गली-मोहल्लों में पानी भर गया है। सड़कें तालाब बन गई हैं। खेतों में सैकड़ों बीघा फसलें बर्बाद हो गई है। पेड़ और पोल उखड़कर गिर गए हैं। खबर है कि मौसम बिगड़ने के चलते आज AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी का श्रावस्ती दौरा रद्द कर दिया गया है।
लखनऊ से सटे कानपुर, बाराबंकी और उन्नाव में भी काफी नुकसान
लखनऊ में भारी बारिश के बाद पूरे शहर में जलभराव की समस्या देखने को मिल रही है, जिससे लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घरों में किचन और बेडरूम तक पानी घुस गया है। गलियों में कमर तक पानी भरा है। आंधी तूफान, बारिश, वज्रपात के चलते यूपी में कई लोगों की मौत की खबर है। लखनऊ से सटे कानपुर, बाराबंकी, उन्नाव में भी काफी नुकसान हुआ है। प्रशासन की टीम लगातार ग्राउंड पर एक्टिव मोड में है। लखनऊ में पिछले तीन दिनों में कई जगहों पर पेड़ गिरने की खबर सामने आई है।
ऐतिहासिक हुसैनाबाद गेट का ऊपरी हिस्सा गिरा
इसके लखनऊ में भारी बारिश के चलते ऐतिहासिक हुसैनाबाद गेट का एक ऊपरी हिस्सा गिर गया। गनीमत रही कि नीचे उसकी जद में कोई नहीं आया है। दीवार का हिस्सा गिरने के बाद नीचे का गेट वाला रास्ता एहतियातन बंद कर दिया गया है। लगातार बारिश के चलते ये हादसा हुआ है और जल्द ही प्रशासन इसके रेनोवेशन कराने की बात कर रहा है।
गंगा एक्सप्रेसवे टोल गेट के पास भी भरा पानी
यूपी के उन्नाव में भी भारी बारिश के चलते गंगा एक्सप्रेसवे टोल गेट के पास पानी भरने की तस्वीरें सामने आई हैं। चारों तरफ पानी भरने से गाड़ियों की आवाजाही बाधित हुई है। उन्नाव के गंगा एक्सप्रेसवे बशीरतगंज टोल प्लाजा के पास का वीडियो सामने आया है।
ये भी पढ़ें- यूपी में बारिश ने बरपाया कहर, 117 मकान गिरे, 15 लोगों की मौत, हेल्पलाइन नंबर जारी