लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटे से हो रही बारिश से बड़े पैमाने पर तबाही हुई। तेज हवा के साथ हुई हो रही बारिश में कुल 117 मकान गिर गए वहीं इससे जुड़े विभिन्न हादसों में 15 लोगों की मौत हो गई। लखनऊ में पुराने शहर के हुसैनाबाद के ऐतिहासिक गेट का हिस्सा गिर गया है। उधर, लखीमपुर खीरी, अमेठी और बाराबंकी जिलों में दीवार ढह जाने की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई तथा पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की जान चली गयी। फतेहपुर जिले मेंअलग अलग थाना क्षेत्रों में लगभग 10 कच्चे मकान ढह गए। एक मकान के मलबे में दो सगे भाई दब गए। इस हादसे में 8 वर्षीय मासूम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका 11 वर्षीय बड़ा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया।
दीवार ढहने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
पुलिस ने बताया कि लखीमपुर खीरी जिले में नीमगांव थानाक्षेत्र के रहमत नगर गांव में शनिवार तड़के एक कच्चे मकान की मिट्टी की दीवार ढहने से उसके मलबे में दबकर एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक अमेठी में जामोंथाना क्षेत्र के बलभद्रपुर गांव में रुक-रुककर हो रही बारिश के चलते शनिवार सुबह एक कच्चे मकान की दीवार ढहने से मलबे में दबकर एक महिला की मृत्यु हो गई। मृतकों की पहचान मोहन कश्यप (50), उसकी पत्नी कविता (45) और बेटा अनिल (6) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक घटना के समय परिवार के लोग अपनी घर में सो रहे थे।

गंगा एक्सप्रेसवे पर भी जलभराव
अमेठी में बारिश के चलते दीवार गिरने से ऊषा देवी नामक महिला की मौत हो गई। इसी तरह, बाराबंकी के थाना रामनगर क्षेत्र के गोपालपुर में बीती रात घर की कच्ची दीवार ढहने से उसमें दबकर 38 वर्षीय सुनीता देवी की मृत्यु हो गई। बाराबंकी में मोहम्मदपुर खाला थानाक्षेत्र के छेदा बाजार गांव में शनिवार को दूधकर बेचकर मोटरसाइकिल से घर वापस आ रहे 45 वर्षीय संजय वर्मा के ऊपर सड़क किनारे खड़ा पेड़ गिर गया जिसके नीचे दबकर वर्मा की मौके पर ही मौत हो गई। उन्नाव में बशीरतगंज टोल प्लाजा के पास गंगा एक्सप्रेसवे पर भी जलभराव हो गया है जिससे आवागमन में काफी परेशानी हो रही है।

बता दें कि मानसून गतिविधि तेज होने से उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई तथा लखनऊ में शनिवार सुबह तक पिछले 21 घंटों में 125.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई एवं तेज हवाओं के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचा। राहत आयुक्त डॉक्टर हृषिकेश भास्कर यशोद ने बताया कि 63 जनपदों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है तथा पिछले 24 घंटों के दौरान पूरे राज्य में सामान्य से 19 गुना अधिक वर्षा हुई।
फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना ज्यादा बारिश
उन्होंने बताया कि फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना, कानपुर नगर में 160 गुना, कन्नौज, कानपुर देहात और हरदोई में सामान्य से 130 गुना अधिक वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने शनिवार के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने के साथ ही तेज हवाएं चलने का अनुमान व्यक्त किया है। रविवार को भी कई स्थानों पर बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ना जारी रह सकता है। मौसम की ताजा स्थिति के अनुसार, उत्तर पूर्वी मध्यप्रदेश और इससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना दबाव उत्तर पश्चिम दिशा में दक्षिण पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। शनिवार सुबह साढ़े पांच बजे इसका केंद्र प्रयागराज से लगभग 230 किलोमीटर दक्षिण में था।

निचले इलाकों में रहने वाले लोग परेशान
मौसम विभाग ने कहा कि इस रुख के शनिवार शाम तक दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ते हुए दबाव बने रहने और इसके बाद अगले 12 घंटों में धीरे धीरे कमजोर होने की संभावना है। तेज बारिश से कई स्थानों पर जलभराव और यातायात जाम की स्थिति पैदा हुई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोग बारिश से मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। अयोध्या में बारिश और तेज हवाओं से राम पथ, राम मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन और सरयू क्षेत्र में आवागमन प्रभावित हुआ है। बौछार के साथ तेज हवाएं चलने से श्रद्धालुओं को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।
लखनऊ में हेल्पलाइन नंबर जारी
नगर निगम की ओर से बारिश एवं जलभराव से संबंधित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए कंट्रोल रूम का टोल फ्री नंबर 1533 जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त नागरिक 9219902911, 9219902912, 9219902913 एवं 9219902914 पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। नगर निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश के दौरान जलभराव, गिरे हुए पेड़ अथवा अन्य किसी समस्या की सूचना तत्काल नगर निगम के कंट्रोल रूम को दें, ताकि संबंधित टीम को मौके पर भेजकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
सीएम योगी ने जिलाधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने, प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और वहां व्यवस्था की निगरानी करने का निर्देश दिया है। रेड अलर्ट वाले जिलों में विद्यालय बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन ने आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थ नगर, बस्ती, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, सुलतानपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, फतेहपुर, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी और चित्रकूट सहित कई जिलों को अचानक बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील जिलों के रूप में पहचान की है। मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और खुले क्षेत्रों, पेड़ों और जलाशयों से दूर रहने की सलाह दी है।
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