दुनिया के सबसे अमीर शख्स और Tesla के CEO एलन मस्क AI को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने एआई को लेकर चेतावनी देते हुए कहा कि एडवांस्ड एआई मॉडल्स बहुत ही खतरनाक हैं। अगर, इन्हें सावधानी से नहीं संभाला गया तो यह भविष्य में एक गंभीर खतरा बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि ये कंट्रोल से बाहर हो सकते हैं और हम सब की जान तक ले सकते हैं। कैलिफोर्निया की अदालत में मस्क ने एआई के भविष्य को लेकर ये बातें कहीं हैं। गौरतलब है कि एलन मस्क वो शख्स हैं, जिन्होंने OpenAI जैसी कंपनियों के फाउंडेशन में भारी निवेश किया था। आइए, जानते हैं एलन मस्क एआई के गंभीर परिणामों को लेकर क्यों चिंतित हैं?
एडवांस्ड एआई भविष्य के लिए खतरा
एलन मस्क इन दिनों ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI के साथ चल रहे कानूनी लड़ाई को लेकर कैलिफोर्निया की अदालत में अपनी गवाही देते हुए कहा कि एआई टेक्नोलॉजी काफी तेजी से आगे बढ़ रही है और दुनिया को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि यह हमें किस दिशा में ले जा रही है। उन्होंने एडवांस्ड एआई मॉडल्स को लेकर अदालत में कहा कि यह हम सभी की जान ले सकता है। मस्क यहीं नहीं रूके और कहा कि इंसानियत को हॉलीवुड मूवी 'टर्निनेटर' जैसे किसी बुरे भविष्य से बचना चाहिए और अच्छी उम्मीदों से भरे भविष्य की ओर बढ़ना चाहिए।
Image Source : Unsplashएआई इंसानों के लिए खतरा
वहीं, मस्क ने ओपनएआई की फाउडेंशन में मदद करने को 'पागलपन' बताया है। मस्क ने ओपनएआई पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें यह भरोसा दिलाया गया था कि यह संस्था एक नॉन-प्रॉफिट संगठन बनी रहेगी। आगे चलकर यह अपने मिशन से मुकर गई और एक मुनाफा कमाने वाली टेक कंपनी बन चुकी है। तीन साल तक ओपनएआई और एलन मस्क के बीच यह विवाद चला। बाद में मस्क ने स्टार्ट-अप को छोड़ने का ऐलान किया। मस्क ने कोर्ट में बताया कि उनके छोड़ने से पहले चैटजीपीटी एआई एजेंट को लॉन्च किया जा चुका था, जिसका फायदा ओपनएआई को मिला।
एलन मस्क क्यों हैं चिंतित?
मस्क ने अपनी गवाही के दौरान कहा कि एआई को लेकर यह डर कोई नया नहीं है। उन्होंने 2015 में गूगल के को-फाउंडर लैरी पेज के साथ हुई एक बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि लैरी पेज का मानना था कि एआई एक तरह का आदर्श समाज बनाएगा। हालांकि, इसके जोखिमों को नजरअंदाज किया जा रहा है। यह मस्क की एआई को लेकर भविष्य की उनकी सोच की झलक दिखा रही है।
Image Source : neuralinkन्यूरालिंक
हालांकि, मस्क ने टेक्नोलॉजी के एडवांसमेंट के तौर पर अपने प्रोजेक्ट Neuralink का भी जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि न्यूरालिंक एआई की सुरक्षा को सुनिश्चित करने का काम कर सकता है। उन्होंने अपनी गवाही में सुझाव देते हुए कहा कि अगर इंसान सीधे तौर पर बुद्धिमान हो रहे मशीनों से जुड़ पाएं तो इससे लोगों और एआई के बीच एक बेहतर संतुलन बनने की संभावना है। इसकी वजह से एआई और इंसान के बीच तालमेल बैठाया जा सकेगा। हम एक ऐसा एआई बना सकते हैं, जो पूरी इंसानियत के लिए फायदेमंद हो।
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