आसमान में IndiGo का दबदबा कायम! Air India ने भी दिखाई ताकत, Akasa–SpiceJet ने भी किया कमाल

भारत का घरेलू एविएशन सेक्टर साल 2025 में लगातार विस्तार कर रहा है। भले ही अगस्त महीने में जुलाई की तुलना में पैसेंजर ट्रैफिक में हल्की गिरावट देखने को मिली हो, लेकिन कुल आंकड़े साफ इशारा करते हैं कि हवाई सफर की मांग लगातार बढ़ रही है। DGCA की अगस्त रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से अगस्त 2025 के बीच घरेलू एयरलाइंस ने 1107.26 लाख यात्रियों को उड़ान भराई। यह पिछले साल की इसी अवधि में दर्ज 1054.66 लाख यात्रियों की तुलना में 4.99% ज्यादा है। हालांकि, अगस्त महीने का ट्रैफिक जुलाई की तुलना में 1.40% कम रहा।
1/7 Image Source : PTI
भारत का घरेलू एविएशन सेक्टर साल 2025 में लगातार विस्तार कर रहा है। भले ही अगस्त महीने में जुलाई की तुलना में पैसेंजर ट्रैफिक में हल्की गिरावट देखने को मिली हो, लेकिन कुल आंकड़े साफ इशारा करते हैं कि हवाई सफर की मांग लगातार बढ़ रही है। DGCA की अगस्त रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से अगस्त 2025 के बीच घरेलू एयरलाइंस ने 1107.26 लाख यात्रियों को उड़ान भराई। यह पिछले साल की इसी अवधि में दर्ज 1054.66 लाख यात्रियों की तुलना में 4.99% ज्यादा है। हालांकि, अगस्त महीने का ट्रैफिक जुलाई की तुलना में 1.40% कम रहा।
2/7 Image Source : PTI
अगस्त में इंडिगो ने 83.14 लाख यात्रियों को सफर कराया और 64.2% मार्केट शेयर हासिल किया। यह जुलाई के 65.2% शेयर से थोड़ा कम है, लेकिन सालभर से एयरलाइन लगातार 63% से ज्यादा हिस्सेदारी बनाए हुए है। जनवरी और जुलाई में यह आंकड़ा 65.2% तक पहुंचा था।
3/7 Image Source : PTI
एयर इंडिया ग्रुप (एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस) ने अगस्त में 35.39 लाख यात्रियों को उड़ान भराई। इसका मार्केट शेयर बढ़कर 27.3% पर पहुंच गया, जो इस साल का सबसे हाई लेवल है। जुलाई में यह 26.2% था।
4/7 Image Source : PTI
नए खिलाड़ी अकासा एयर ने भी मजबूती दिखाई और अगस्त में 7.03 लाख यात्रियों के साथ 5.4% हिस्सेदारी हासिल की। यह उसे देश की तीसरी सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन के रूप में स्थापित करता है।
5/7 Image Source : PTI
स्पाइसजेट ने 2.60 लाख यात्रियों को यात्रा कराई और 2% शेयर पर टिके रहे, हालांकि कंपनी अभी भी कॉम्पिटिशन में पिछड़ रही है।
6/7 Image Source : ANI
एयरलाइंस के लोड फैक्टर भी मजबूत रहे। अकासा एयर ने 91% के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि इंडिगो का लोड फैक्टर 84.6% और स्पाइसजेट का 87% रहा। एयर इंडिया ग्रुप 81.8% पर रहा। समय की पाबंदी में IndiGo टॉप पर रही। इसके बाद अकासा (87%) और एयर इंडिया ग्रुप (84.5%) रहे। स्पाइसजेट (68.2%) और एलायंस एयर (55.2%) पिछड़ गए।
7/7 Image Source : Indigo Official website
अगस्त में कुल 1,407 शिकायतें दर्ज हुईं, यानी हर 10,000 यात्रियों पर 1.09 शिकायतें। इनमें सबसे ज्यादा फ्लाइट समस्याओं (45.2%), रिफंड (19.4%) और बैगेज (15.1%) से जुड़ी थीं। हालांकि, 99.8% शिकायतों का समाधान एयरलाइंस ने किया।