आयुर्वेद में सौंफ कौन सी बीमारियों में फायदा करती है?

जिन्हें गैस एसिडिटी होती है उन्हें 1-2 ग्राम सौंफ की जड़ का चूर्ण बनाकर खाना फायदेमंद होगा। सौंफ के बीज का काढ़ा बना लें। इस पीने से कब्ज से छुटकारा मिलता है। सौंफ के बीजों की चटनी या सौंफ का पाउडर खाने से गैस एसिडिटी कम होती है।
1/5 Image Source : Freepik
जिन्हें गैस एसिडिटी होती है उन्हें 1-2 ग्राम सौंफ की जड़ का चूर्ण बनाकर खाना फायदेमंद होगा। सौंफ के बीज का काढ़ा बना लें। इस पीने से कब्ज से छुटकारा मिलता है। सौंफ के बीजों की चटनी या सौंफ का पाउडर खाने से गैस एसिडिटी कम होती है।
2/5 Image Source : Freepik
15-30 मिली सौंफ का पानी या काढ़ा जैसा बनाकर पीने से जुकाम में आराम मिलता है। सौंफ का सेवन करने से खांसी में भी फायदा होगा। आप अंजीर के साथ सौंफ खाएंगे तो इससे सूखी खांसी, गले की सूजन भी कम होगी।
3/5 Image Source : freepik
सौंफ का काढ़ा बना लें इसमें थोड़ी फिटकरी मिलाकर सुबह शाम गरारा करें तो इससे मुंह के छाले दूर होते हैं। सौंफ और उसके बराबर मिश्री मिलाकर खाने से मुंह की बदबू दूर हो जाती है।
4/5 Image Source : Freepik
सौंफ, बिडंग, बनायं और काली मिर्च को बराबर बराबर लेकर पीस लें और चूर्ण बना लें। इस चूर्ण का सेवन 2-5 ग्राम की मात्रा में करें। गुनगुने पानी से साथ ये चूर्ण खाएं। इससे भूख खुलेगी।
5/5 Image Source : Freepik
सौंफ के पत्तों का रस आंखों के लिए भी फायदेमंद है। इसे कॉटन की मदद से आंखों पर लगाने से जलन, दर्द और आंखों में आई लालिमा कम होती है। 1-2 ग्राम सौंफ चूर्ण में 65 मिग्रा खसखस मिलाकर खाने से आंखों के रोग ठीक होते हैं। इससे रौशनी भी तेज होती है।