डॉक्टर से जानें शरीर में शुगर बढ़ने पर कौन-कौन सी समस्याएं हो सकती हैं?

भारत डायबिटीज की राजधानी बन चुकी है और इसका मुख्य कारण है खराब जीवनशैली और खानपान। वैसे तो ग्लूकोज शरीर में ऊर्जा का मुख्य स्रोत होता है, लेकिन जब इसका स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो पहले डायबिटीज होता है और धीरे धीरे डायबिटीज दूसरे अंगों को भी प्रभावित करती है। आर्टेमिस हॉस्पिटल्स में एंडोक्राइनोलॉजी प्रमुख डॉ. धीरज कपूर, से जानते हैं कि शरीर में शुगर बढ़ने पर कौन-कौन सी समस्याएं हो सकती हैं।
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भारत डायबिटीज की राजधानी बन चुकी है और इसका मुख्य कारण है खराब जीवनशैली और खानपान। वैसे तो ग्लूकोज शरीर में ऊर्जा का मुख्य स्रोत होता है, लेकिन जब इसका स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो पहले डायबिटीज होता है और धीरे धीरे डायबिटीज दूसरे अंगों को भी प्रभावित करती है। आर्टेमिस हॉस्पिटल्स में एंडोक्राइनोलॉजी प्रमुख डॉ. धीरज कपूर, से जानते हैं कि शरीर में शुगर बढ़ने पर कौन-कौन सी समस्याएं हो सकती हैं।
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हृदय रोग: ब्लड शुगर का लगातार उच्च स्तर में रहना दिल के रोगों को जन्म दे सकता है। शुगर बढ़ने से रक्त वाहिकाएं और नसें प्रभावित होती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल भी असंतुलित हो जाते हैं। लंबे समय तक ऐसा बना रहे तो दिल की धमनियां संकरी हो जाती हैं और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
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किडनी लिवर का रोग: शुगर बढ़ने से किडनी पर भी असर पड़ता है। इससे किडनी के अंदर मौजूद नाचुक फिल्टरिंग यूनिट्स जिसे नेफ्रॉन्स कहते हैं, उसपर दबाव पड़ता है। धीरे-धीरे ये क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जिससे शरीर से विषैले तत्व ठीक से बाहर नहीं निकल पाते हैं। इसे डायबिटिक नेफ्रोपैथी कहा जाता है, जो आखिर में किडनी फेलियर का कारण बन सकती है। डायबिटीज़ में लिवर भी प्रभावित होता है। शुरुआत में यह फैटी लिवर के रूप में दिखाई देता है, लेकिन समय के साथ यह सिरोसिस या लिवर कैंसर में भी बदल सकता है।
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आंखों की रोशनी पर असर: लंबे समय तक को शुगर का लेवल हाई रहने पर आंखों की रोशनी पर असर पड़ सकता है शुगर लेवल रेटिना की रक्त वाहिकाओं को कमजोर कर देती है जिससे डायबीटिक रेटिनोपैथी की समस्या हो जाती है अगर वक्त पर इसका इलाज न किया जाए तो यह स्थाई रूप से अंधेपन का कारण बन सकतीहै।
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रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना: शुगर बढ़ने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है। ऐसे में अगर थोड़ा बहुत भी चोट या कट लग जाता है, तो वह जल्दी नहीं भरता है। ब्लड शुगर लंबे समय तक बड़ा रहने पर नसों को भी नुकसान होता है, जिससे पैरों और हाथों में झनझनाहट, दर्द या सुन्नपन महसूस हो सकता है। इसे डायबिटिक न्योरोपैथी कहते हैं।