यूरिक एसिड में इन फलों का सेवन है लाजवाब, तेजी से गलाते हैं प्यूरिन के छोटे-छोटे कंकड़

जब शरीर में प्यूरिन की मात्रा बढ़ जाती है तो इस वजह से यूरिक एसिड भी बढ़ने लगता है।दरअसल, किडनी यूरिक एसिड को फ़िल्टर कर बाहर निकाल देती है लेकिन जब यह इसकी मात्रा शरीर में ज़्यादा होने लगती है तब किडनी इसे फ़िल्टर नहीं कर पाती है जिस वजह से जॉइंट्स में सूजन की समस्याएं होने लगती हैं।ऐसे में शरीर में यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए खान-पान का खास ख्याल रखना चाहिए।अपनी डाइट में फाइबर से भरपूर फूड्स शामिल करने चाहिए, जिससे पाचन तंत्र मजबूत बनता है और मेटाबॉलिज्म तेज होता है।पाचन तेज होने से शरीर प्रोटीन को तेजी से पचाता है और यूरिक एसिड कंट्रोल रहता है।ऐसे में इसे कंट्रोल करने के लिए आप इन कुछ फ्रूट्स का सेवन कर सकते हैं।
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जब शरीर में प्यूरिन की मात्रा बढ़ जाती है तो इस वजह से यूरिक एसिड भी बढ़ने लगता है।दरअसल, किडनी यूरिक एसिड को फ़िल्टर कर बाहर निकाल देती है लेकिन जब यह इसकी मात्रा शरीर में ज़्यादा होने लगती है तब किडनी इसे फ़िल्टर नहीं कर पाती है जिस वजह से जॉइंट्स में सूजन की समस्याएं होने लगती हैं।ऐसे में शरीर में यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए खान-पान का खास ख्याल रखना चाहिए।अपनी डाइट में फाइबर से भरपूर फूड्स शामिल करने चाहिए, जिससे पाचन तंत्र मजबूत बनता है और मेटाबॉलिज्म तेज होता है।पाचन तेज होने से शरीर प्रोटीन को तेजी से पचाता है और यूरिक एसिड कंट्रोल रहता है।ऐसे में इसे कंट्रोल करने के लिए आप इन कुछ फ्रूट्स का सेवन कर सकते हैं।
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यूरिक एसिड की समस्या से पीड़ित लोगों को डाइट में संतरा जरूर शामिल करना चाहिए।ये ऐसा फल है जो शरीर में बढ़े हुए यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में मदद करता है।संतरा में भरपूर फाइबर होता है और इससे मेटाबोलिक रेट भी तेज होता है।जिन लोगों का मेटाबॉलिज्म तेज होता है उनका शरीर प्रोटीन को तेजी से डाइजेस्ट करता है।इसलिए संतरा जरूर खाएं.
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केला में पोटेशियम काफी मात्रा में पाया जाता है जो पेशाब के जरिए यूरिक एसिड को शरीर से बाहर निकालता है। इसके अलावा केले में प्रोटीन की कम मात्रा इसे यूरिक एसिड के मरीजों के लिए खाने लायक बनाती है और हाई यूरिक एसिड के स्तर को नॉर्मल रखता है।
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फलों का राजा सेब वैसे तो सेहत का खजाना कहा जाता है, लेकिन इसे खाने से शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा भी कंट्रोल रहती है।रोजाना सेब खान से शरीर से गंदा यूरिक एसिड बाहर निकलने लगता है।फाइबर और विटामिन से भरपूर सेब खाने से शरीर को मैलिक एसिड मिलता है जो यूरिक एसिड को कम करने में मदद करता है.
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कच्चे पपीते में विटामिन-सी, एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेटरी जैसे गुण मौजूद होते हैं। पपीते में मौजूद फाइबर, यूरिक एसिड के मरीजों को जोड़ों में दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है। शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा को कंट्रोल करने के लिए आप पपीते का अलग-अलग तरीकों से सेवन कर सकते हैं। कच्चे पपीते का आप जूस और काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं।