ये प्रोबायोटिक फूड्स आंतों में तेजी से बढ़ाते हैं गुड बैक्टीरिया, गट हेल्थ को रखना है हेल्दी तो डाइट में ज़रूर करें शामिल

गर्मियों में डिहाइड्रेशन और खराब खानपान के कारण हमारे पेट की सेहत पर बुरा असर पड़ता हैं। इस वजह से इस मौसम में कई लोग पेट से जुड़ी समस्या को लेकर परेशान रहते हैं। दरअसल, हमारी सेहत की जड़ हमारे गट में ही छिपी होती है। जब गट संतुलित होता है, तो आप ऊर्जावान महसूस करते हैं। लेकिन जैसे ही यह संतुलन बिगड़ता है, पूरा शरीर सुस्त और भारी लगने लगता है। ऐसे में प्रोबायोटिक फूड्स एक नेचुरल हीरो की तरह काम करते हैं जो खासकर गर्मियों में आपकी पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में मदद करते हैं।
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गर्मियों में डिहाइड्रेशन और खराब खानपान के कारण हमारे पेट की सेहत पर बुरा असर पड़ता हैं। इस वजह से इस मौसम में कई लोग पेट से जुड़ी समस्या को लेकर परेशान रहते हैं। दरअसल, हमारी सेहत की जड़ हमारे गट में ही छिपी होती है। जब गट संतुलित होता है, तो आप ऊर्जावान महसूस करते हैं। लेकिन जैसे ही यह संतुलन बिगड़ता है, पूरा शरीर सुस्त और भारी लगने लगता है। ऐसे में प्रोबायोटिक फूड्स एक नेचुरल हीरो की तरह काम करते हैं जो खासकर गर्मियों में आपकी पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में मदद करते हैं।
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दही: ताज़ा घर का बना दही सबसे अच्छे प्रोबायोटिक फूड्स में से एक है। यह पचाने में आसान होता है और आंतों के बैक्टीरिया को बढ़ाता है। आयुर्वेद में इसे सुबह खाने की सलाह दी जताई है। इसे और भी जयादा फ़ायदेमंद बनाने के लिए इसमें एक चुटकी भुने हुए जीरे का पाउडर या थोड़ा सा काला नमक मिलाएं।
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छाछ: अगर दही अच्छा है, तो गर्मियों के लिए छाछ और भी ज़्यादा बेहतर है। गर्मियों में छाछ को सबसे अच्छे प्राकृतिक उपायों में से एक माना जाता है, खासकर अपच और पेट फूलने जैसी पाचन संबंधी समस्याओं के लिए। यह हल्का होता है, शरीर में पानी की कमी पूरी करता है, और पेट के लिए भी आसान होता है।
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इडली और डोसा: इडली और डोसा भी एक प्रोबायोटिक फूड्स हैं। इडली और डोसा के घोल में होने वाली फर्मेंटेशन की प्रक्रिया पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाती है। खासकर, ताज़ी बनी इडली बहुत हल्की होती है और आसानी से पच जाती है। इसी वजह से गर्मियों की सुबह के नाश्ते के लिए ये एकदम सही रहती हैं।
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फर्मेंटेड चावल: फर्मेंटेड चावल एक पुराना घरेलू नुस्खा है जिसे शायद आपके दादा-दादी भी अपनाते रहे होंगे। पके हुए चावल को रात भर पानी में भिगोकर रखने से सुबह तक वे अपने आप फर्मेंट हो जाते हैं। ओडिशा और तमिलनाडु जैसे राज्यों में लोग इसे दही, नमक या प्याज़ के साथ खाते हैं।
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कांजी: कांजी एक फ़र्मेंटेड ड्रिंक है जो राई और पानी से बनाया जाता है। इसका स्वाद थोड़ा खट्टा-मीठा होता है और यह गुड बैक्टीरिया से भरपूर होता है। यह खासकर उत्तरी भारत में गर्मी के महीनों में बहुत लोकप्रिय है। रोज़ाना एक छोटा गिलास पीने से पाचन में मदद मिलती है और भूख भी बढ़ सकती है।