जरा सी चोट से नील पड़ जाता है, लिवर से जुड़ा हो सकता है इसका कनेक्शन

अक्सर किसी चीज से टकराने से या छोटी-मोटी चोट लगने से त्वचा पर नील पड़ जाते हैं। लेकिन कई बार लोगों को बिना चोट के भी शरीर पर नील पड़ने के निशान दिखाई देने लगते हैं। तो इसका कारण लिवर की सेहत से भी जुड़ा हो सकता है।
1/5 Image Source : Freepik
अक्सर किसी चीज से टकराने से या छोटी-मोटी चोट लगने से त्वचा पर नील पड़ जाते हैं। लेकिन कई बार लोगों को बिना चोट के भी शरीर पर नील पड़ने के निशान दिखाई देने लगते हैं। तो इसका कारण लिवर की सेहत से भी जुड़ा हो सकता है।
2/5 Image Source : Freepik
लिवर का एक जरूरी काम खून का थक्का जमाने के लिए ज़रूरी प्रोटीन का उत्पादन करना है। अगर लिवर ठीक से काम नहीं कर रहा है, तो यह रक्त के थक्के जमने को प्रभावित कर सकता हैं। जिससे बिना किसी कारण के या बार-बार चोट के निशान पड़ सकते हैं।
3/5 Image Source : Freepik
लिवर चोट लगने पर रक्तस्राव रोकने में मदद करने वाले प्रोटीन के उत्पादन के लिए ज़िम्मेदार होता है। जब लिवर हेपेटाइटिस, फैटी लिवर रोग या सिरोसिस जैसी स्थितियों से प्रभावित होता है, तो ये थक्के बनाने वाले कारक कम हो सकते हैं। जिससे छोटी चोटें भी बड़ी जैसे निशान बन देती हैं।
4/5 Image Source : Freepik
हालांकि चोट के बाद नील पड़ना सामान्य है। लेकिन बिना कारण नील के निशान दिखें और इसके साथ दूसरे लक्षण जैसे त्वचा या आंखों का पीला पड़ना, थकान, पैरों या पेट में सूजन, बार-बार नाक से खून आना या गहरे रंग का पेशाब दिखाई दे, तो ये लिवर की समस्या के लक्षण हो सकते हैं।
5/5 Image Source : Freepik
इसके लिए जरूरी है कि आप लिवर की सेहत का ख्याल रखें और खुद को चोट लगने से बचाएं। अगर अक्सर ऐसा होता है तो एक बार आपको डॉक्टर को भी जरूर दिखाना चाहिए। जिससे साफ हो जाएगा कि आपके नील पड़ने का असली कारण क्या है।