बालों की ग्रोथ के लिए बेहद जरूरी हैं ये 5 चीजें, डॉक्टर और साइंस ने भी माना

प्रोटीन से भरपूर डाइट लें- डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर आंचल पंथ के मुताबिक हमारे बाल मुख्य रूप से केराटिन नाम के प्रोटीन से बने होते हैं। इसलिए शरीर को नए बाल बनाने के लिए पर्याप्त प्रोटीन और अमीनो एसिड की जरूरत होती है। अगर डाइट में प्रोटीन की कमी हो जाए तो बालों की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है और ज्यादा बाल झड़ सकते हैं। इसके लिए खाने में अंडे, मछली, दूध-दही, दालें, चने, सोयाबीन और कम फैट वाला मीट शामिल किया जा सकता है।
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प्रोटीन से भरपूर डाइट लें- डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर आंचल पंथ के मुताबिक हमारे बाल मुख्य रूप से केराटिन नाम के प्रोटीन से बने होते हैं। इसलिए शरीर को नए बाल बनाने के लिए पर्याप्त प्रोटीन और अमीनो एसिड की जरूरत होती है। अगर डाइट में प्रोटीन की कमी हो जाए तो बालों की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है और ज्यादा बाल झड़ सकते हैं। इसके लिए खाने में अंडे, मछली, दूध-दही, दालें, चने, सोयाबीन और कम फैट वाला मीट शामिल किया जा सकता है।
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मिनोक्सिडिल मददगार- मिनोक्सिडिल बाल झड़ने के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एक दवा है। यह बालों की जड़ों के आसपास ब्लड फ्लो को बेहतर करने और बालों के बढ़ने वाले फेज को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद कर सकती है। नियमित इस्तेमाल से कुछ लोगों में 3 से 6 महीने में बालों की मोटाई और वॉल्युम में सुधार दिखाई दे सकता है। हालांकि इसका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से करना बेहतर है। इसे बंद करने पर इसका फायदा धीरे-धीरे कम हो सकता है।
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आयरन, विटामिन D और B12- बालों के झड़ने की एक वजह शरीर में कुछ पोषक तत्वों की कमी भी हो सकती है। आयरन बालों की जड़ों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है। शरीर में आयरन की कमी होने पर बाल ज्यादा झड़ सकते हैं। वहीं, विटामिन D बालों के सामान्य ग्रोथ साइकल में भूमिका निभाता है और विटामिन B12 लाल रक्त कोशिकाएं बनाने और शरीर में नई कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है। अगर लगातार बाल झड़ रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह से ब्लड टेस्ट कराकर इन पोषक तत्वों की कमी का पता लगाया जा सकता है। बिना जांच के सप्लीमेंट लेना सही नहीं है।
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LED थेरेपी भी हो सकती है मददगार- लो-लेवल लेजर या LED थेरेपी बालों की जड़ों की कोशिकाओं को एक्टिव करने में मदद कर सकती है। इससे कोशिकाओं को एनर्जी मिलने और बालों के बढ़ने वाले फेज को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद मिल सकती है। यह एक बिना सर्जरी वाली प्रक्रिया है और आमतौर पर इसका असर देखने के लिए इसे नियमित रूप से कई बार करना पड़ता है। कुछ मामलों में इसे मिनोक्सिडिल जैसी दूसरी थेरेपी के साथ इस्तेमाल किया जाता है।
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स्कैल्प को साफ रखें- अगर सिर की त्वचा पर ज्यादा तेल, गंदगी, डेड स्किन या हेयर प्रोडक्ट्स की परत जमा हो जाए, तो इससे स्कैल्प में जलन या सूजन हो सकती है। इसलिए स्कैल्प को नियमित रूप से साफ रखना जरूरी है। साफ स्कैल्प से बालों की जड़ों के आसपास का वातावरण बेहतर रहता है और मिनोक्सिडिल जैसी कुछ दवाओं के इस्तेमाल में भी मदद मिल सकती है।