मोटापा कम करने के लिए 1 दिन में कितनी रोटी और चावल खाने चाहिए?

वजन घटाने के लिए दिनभर की कैलोरी और कार्ब्स पर नजर रखना जरूरी है। नोएडा के स्वास्थ्य मल्टी स्पेशिलिटी की डाइटिशियन स्वाति सिंह के मुताबिक वजन घटाने के लिए 1 दिन में 1800-2000 कैलोरी लेनी चाहिए। जिसमें 225 से 325 तक कार्ब्स होता है, इसलिए इसे कंट्रोल करें। 1 रोटी खाने से करीब 15 ग्राम कार्ब और 70 ग्राम कैलोरी मिलती हैं। वजन घटाने के लिए ओवरऑल डाइट से 150 ग्राम कार्ब कम करना चाहिए।
1/5 Image Source : India Tv
वजन घटाने के लिए दिनभर की कैलोरी और कार्ब्स पर नजर रखना जरूरी है। नोएडा के स्वास्थ्य मल्टी स्पेशिलिटी की डाइटिशियन स्वाति सिंह के मुताबिक वजन घटाने के लिए 1 दिन में 1800-2000 कैलोरी लेनी चाहिए। जिसमें 225 से 325 तक कार्ब्स होता है, इसलिए इसे कंट्रोल करें। 1 रोटी खाने से करीब 15 ग्राम कार्ब और 70 ग्राम कैलोरी मिलती हैं। वजन घटाने के लिए ओवरऑल डाइट से 150 ग्राम कार्ब कम करना चाहिए।
2/5 Image Source : Magnific
आसान भाषा में समझें तो वजन घटाने के लिए एक महिला को दिन में 3-4 छोटी रोटी खानी चाहिए, वहीं एक पुरुष दिनभर में 5-6 रोटी खाकर भी वजन घटा सकते हैं। मोटापा कम करने के लिए डाइट में सलाद, सब्जी और लिक्विड ज्यादा शामिल करें। खाने के बाद आधा घंटे वॉक करें इससे वजन तेजी से कम होने लगेगा
3/5 Image Source : Magnific
वहीं चावल की बात करें तो स्ट्रिक्ट डाइट प्लान में सफेद चावल को पूरी तरह से हटा दिया जाता है। इसकी जगह आप ब्राउन राइस या ब्लैक राइस ले सकते हैं। लेकिन जो लोग चावल के बिना नहीं रह पाते हैं उनके लिए दिन में 1 कटोरी चावल खाना काफी है। अगर आप ज्यादा चावल खाते हैं तो इससे वजन घटाने का प्रोसेस स्लो हो सकता है
4/5 Image Source : Magnific
सफेद चावल शरीर को सिंपल कार्बोहाइड्रेट देता है, इसकी जगह आप ब्राउन राइस का इस्तेमाल करें। ब्राउन राइस में हाई फाइबर और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट होता है। ब्राउन राइस खाने के बाद पेट काफी देर फुल रहता है और भूख कम लगती है। इसलिए चावल कम से कम खाएं और खा रहे हैं तो सफेद की जगह ब्राउन राइस खाएं।
5/5 Image Source : Magnific
आप एक बार के खाने में रोटी या चावल किसी एक तरह का कार्बोहाइड्रेट ही शामिल करें। रोटी चावल आप जितना खाते हैं उससे कम करें। उसकी जगह पर दाल, सब्जी, सूप और सलाद की मात्रा बढ़ा दें। रोटी बनाने के लिए सफेद आटे की जगह मल्टीग्रेन आटे का इस्तेमाल करें। आटे में फाइबर की मात्रा बरकरार रखें।