माता दुर्गा की पूजा में वर्जित हैं ये चीजें, भूलकर भी अर्पित नहीं करें

शारदीय नवरात्रि शुरू हो चुका है ऐसे में जान लीजिए कि मां दुर्गा को क्या-क्या चीजों नहीं चढ़ाना चाहिए। आपको बता दें कि देवी मां की पूजा में तुलसी का उपयोग भी वर्जित माना गया है।

11 अक्टूबर 2026 से शारदीय नवरात्रि का आरंभ हो चुका है, जिसका समापन 20 अक्टूबर को होगा। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। हर दिन माता रानी को उनके प्रिय फूल और भोग अर्पित किए जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि नवरात्रि में देवी मां की उपासना करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती हैं और सभी अधूरी मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं।
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11 अक्टूबर 2026 से शारदीय नवरात्रि का आरंभ हो चुका है, जिसका समापन 20 अक्टूबर को होगा। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। हर दिन माता रानी को उनके प्रिय फूल और भोग अर्पित किए जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि नवरात्रि में देवी मां की उपासना करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती हैं और सभी अधूरी मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं।
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अगर आप भी पूरे 9 दिनों देवी मां की भक्ति और साधना कर रहे हैं तो यहां जान लीजिए कि दुर्गा माता की पूजा में कौन-कौन सी चीजें वर्जित होती हैं। कहते हैं कि देवी मां को ये चीजें चढ़ाने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है।
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मां दुर्गा को नाशपाती, सूखे नारियल, अंजीर, अनानास, खट्टे फल और नींबू, इमली भी नहीं चढ़ाना चाहिए। इसके अलावा पूजा में कीड़े लगे हुए फल, अधिक खट्टे और कड़वे फल, कटे-फटे या पक्षी के जूठे फल भी न रखें।
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मां दुर्गा को केतकी, कनेर, तुलसी, नागकेसर, धतूरा, मदार भूलकर भी अर्पित नहीं करें। इसके अलावा र मुरझाए हुए फूल भी देवी मां को अर्पित नहीं करें।
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मां दुर्गा के लिए भोग बनाते समय सात्विकता और शुद्धता का ध्यान रखें। नमक और लहसुन-प्याज से दूरी बनाकर रखें और भोग में ये स्पर्श भी न हो इसका ख्याल रखें। ध्यान रखें कि उसमें नमक और लहसुन-प्याज का स्पर्श न हो।