A
  1. Hindi News
  2. गुजरात
  3. अहमदाबाद में अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ा अभियान, आज चंदोला लेक इलाके में ढहाए जाएंगे 2.5 हजार मकान

अहमदाबाद में अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ा अभियान, आज चंदोला लेक इलाके में ढहाए जाएंगे 2.5 हजार मकान

अहमदाबाद के चंदोला तालाब क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू किया है। दूसरे चरण में 2.5 हजार अवैध मकानों को ढहाया जाएगा, जबकि पहले चरण में 3 हजार घरों पर बुलडोजर चला था।

Ahmedabad, illegal construction, Chandola Lake demolition, demolition- India TV Hindi
Image Source : ANI अहमदाबाद के चंदोला लेक इलाके में फिर चले बुलडोजर।

अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने मंगलवार को सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। आज शहर के चंदोला तालाब इलाके में दूसरे चरण के तहत करीब 2.5 हजार अवैध मकानों को ढहाया जाएगा। पहले चरण में इलाके के लगभग 3 हजार मकानों पर बुलडोजर चलाए गए थे। अवैध मकानों पर कार्रवाई के दूसरे चरण के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की गई हैं। प्रशासन ने कार्रवाई को सुचारू रूप से चलाने के लिए 75 बुलडोजर और 150 डंपर तैनात किए हैं। साथ ही, सुरक्षा के लिए 8 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

ज्यादातर मकान अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के

बता दें कि इससे पहले 29 और 30 अप्रैल को अभियान के पहले चरण में लगभग 3 हजार अवैध मकानों को ध्वस्त किया गया था, जिनमें ज्यादातर अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के थे। दूसरे चरण में भी प्रशासन ढाई हजार से ज्यादा अवैध निर्माणों को निशाना बना रहा है। बता दें कि गुजरात पुलिस ने पिछले कुछ हफ्तों में हजारों अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है, जिनमें से बड़ी संख्या में अहमदाबाद में रह रहे बांग्लादेशी भी शामिल हैं। चंदोला लेक इलाके में चल रही इस कार्रवाई का मकसद अवैध कब्जों को हटाना और घुसपैठियों पर नकेल कसना है।

अवैध कब्जे की शुरुआत 1970-80 के दशक में हुई

चंदोला लेक का इलाका लंबे समय से अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों का गढ़ बना हुआ था, जहां मानव तस्करी और जाली दस्तावेजों का जाल फैला हुआ था। इस इलाके में अवैध कब्जे की शुरुआत 1970-80 के दशक में हुई, जब यहां बड़ी संख्या में प्रवासी बस्तियां बसाई गईं। 2002 में एक NGO ने इस क्षेत्र में सियासत नगर नाम से बस्ती बसाई थी। इसके बाद 2010 से 2024 के बीच चंदोला झील की जमीन पर अवैध कब्जों में तेजी आई। प्रशासन के अनुसार, इस इलाके में लोगों ने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण किए, जिनमें कई अवैध बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल थे।