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अहमदाबाद रियल एस्टेट घोटाला: व्यवसायी राकेश लाहोटी ने बिल्डर कमलेश गोंडालिया पर करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोप लगाए

बिल्डर कमलेश गोंडालिया पर आरोप है कि उन्होंने एक ही संपत्ति को कई लोगों को बेच दिया और फर्जीवाड़े से जमकर कमाई की। इसमें करोड़ों रुपये की संपत्तियां शामिल हैं।

Scam- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK प्रतीकात्मक तस्वीर

अहमदाबाद के टक्षशिला एलेग्ना के प्रमोटर पर एक ही संपत्तियां कई खरीदारों को बेचने और भुगतान रोकने का आरोप है। शहर के प्रसिद्ध व्यवसायी राकेश लाहोटी ने करोड़ों रुपये के संपत्ति घोटाले का खुलासा किया है। इसका कथित मास्टरमाइंड बिल्डर कमलेश गोंडालिया, उनके परिवार के सदस्य और उनसे जुड़ी कंपनियां हैं। लाहोटी ने डीसीपी क्राइम ऑफिस गायकर हवेली में शनिवार, 18 अक्टूबर को शिकायत दर्ज कराई।

एफआईआर में कमलेश गोंडालिया, उनके परिवार के सदस्यों और संबंधित संस्थाओं पर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और जालसाजी जैसे गंभीर अपराधों के आरोप लगाए गए हैं, जिनमें अहमदाबाद और खेड़ा जिलों में करोड़ों रुपये की संपत्तियां शामिल हैं।

क्या हैं आरोप?

आरोप है कि गोंडालिया परिवार ने एक संगठित तरीके से धोखाधड़ी की, जिसके तहत उन्होंने 2019 से 2025 के बीच लाहोटी और उनकी कंपनियों से करोड़ों रुपये की ठगी की। लाहोटी ने अपनी कंपनियों क्लियर्स्काई ट्रेडलिंक एलएलपी और राकेश इन्वेस्टमेंट कंपनी के माध्यम से गोंडालिया परिवार के साथ टक्षशिला एलेग्ना (एलीसब्रिज) में छह फ्लैट, जमीन का टुकड़ा, अम्बली में एक बंगला, ट्रेजर एन्क्लेव बोपल में फ्लैट की खरीद के लिए कानूनी रूप से पंजीकृत एग्रीमेंट किए थे। सभी संपत्तियों के लिए पूरा भुगतान करने के बावजूद लाहोटी को किसी भी संपत्ति का कब्जा या स्वामित्व का दस्तावेज नहीं मिला।

कैसे हुआ खुलासा?

जांच में खुलासा हुआ कि ये सभी संपत्तियां अभी भी रेरा पोर्टल पर अनबुक्ड दिख रही थीं, जबकि गोंडालिया परिवार ने आंतरिक ट्रांसफर और फर्जी बिक्री के माध्यम से इन्हें अन्य खरीदारों और वित्तीय संस्थानों को फिर से बेच दिया या गिरवी रख दिया और इस प्रक्रिया में भारी मुनाफा कमाया। जून 2025 में घोटाले को छिपाने की कोशिश में कमलेश गोंडालिया ने ₹3 करोड़ लाहोटी के बैंक खाते में ट्रांसफर किए और इसे लोन रिपेमेंट के रूप में दिखाया। लाहोटी के अनुसार यह एक फर्जी लेनदेन था, जिसका उद्देश्य धोखाधड़ी को छिपाना और जबरन सौदे को बंद दिखाना था।

ठगने के बाद धमकाया

लाहोटी का आरोप है कि गोंडालिया से जब फर्जी लेनदेन पर सवाल किया गया तो उन्होंने धमकी दी और अपनी पहुंच के जरिए पीड़ितों को डराने के लिए झूठे मामले दर्ज कराए। लाहोटी ने अपने सबूत, समझौते, बैंक भुगतान रिकॉर्ड और नोटिस पुलिस और रेरा अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने गोंडालिया परिवार और उनके सहयोगियों के इस धोखाधड़ी नेटवर्क की गहन जांच की मांग की है।