बनासकांठाः बनासकांठा पुलिस की स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने दिसा तालुका के महादेविया गांव में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली नोट बनाने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। देर रात की छापेमारी में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 39 लाख रुपये से ज़्यादा के नकली नोट और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण ज़ब्त किए हैं। दिसा तालुका पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है और मुख्य आरोपी की तलाश कर रही है।
लाखों रुपये नकली नोट बरामद
जानकारी के अनुसार, तहखाने में करीब 40 लाख रुपये कीमत के 500 के नकली नोट बरामद हुआ है। एसपी बनासकांठा ने बताया कि पुलिस की छापेमारी में गिरोह में शामिल दो लोग गिरफ्तार किए गए हैं। जबकि एक अभी भी फरार हैं। ये लोग कब से यह गिरोह चला रहे थे, क्या था? पुलिस इसकी कार्यप्रणाली की जांच कर रही है।
खेत में बने घर में पुलिस ने की छापेमारी
स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने सूचना के आधार पर बनासकांठा के दिसा के महादेविया गांव में रायमलसिंह परमार के खेत में बने एक तहखाने में छापेमारी की। देर रात की छापेमारी में पुलिस ने संजय सोनी और कौशिक श्रीमाली नाम के दो आरोपियों को हिरासत में लिया है और उनके पास से 39 लाख रुपये से ज़्यादा के नकली नोट, 5 प्रिंटर और नकली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण ज़ब्त किए हैं। चूंकि यह घर रायमलसिंह परमार का था, जो फरार था। इसलिए पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमें बनाई हैं। हालांकि, रायमलसिंह और संजय सोनी दोनों का आपराधिक इतिहास रहा है।
रायमलसिंह पर जबरन वसूली और धोखाधड़ी सहित 16 मामले दर्ज हैं और हाल ही में उसे हिरासत से रिहा किया गया था। इसलिए, पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि संजय सोनी इस नकली नोट फैक्ट्री का मास्टरमाइंड है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध की धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने नकली नोट छापने की बात स्वीकार की है। तो, ये आरोपी कब से यह नकली नोट फैक्ट्री चला रहे थे, उन्हें नकली नोट बनाने की सामग्री कहां से और किससे मिलती थी, नकली नोट बनाने के बाद वे इसे किसे सप्लाई करते थे और उनका पूरा नेटवर्क कैसे चल रहा था? पुलिस आगे की जाँच कर रही है।
रिपोर्ट- रतन सागिया, बनासकांठा