दाहोद: गुजरात के दाहोद जिले में गुरुवार को 2 अलग-अलग घटनाओं में 5 नाबालिग बच्चों की मौत हो गई। पुलिस ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि दोनों मामलों में माताएं अपने बच्चों के साथ आत्महत्या की कोशिश कर रही थीं। पहली घटना देवगढ़ बारिया तालुका के वडभेत गांव में हुई। यहां 37 साल की चंपा राठवा ने अपने 4 बच्चों के साथ कुएं में कूदने की कोशिश की। गांव वालों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर चंपा और उसकी एक बेटी को बचा लिया, लेकिन उसके 2 बेटों और एक बेटी की कुएं में डूबने से मौत हो गई।
'घरेलू समस्याओं के चलते उठाया कदम'
कुएं में डूबकर जान गंवाने वाले बच्चों की पहचान 12 साल की प्रियंका, 5 साल के गिरिराज और 2 साल के राजवीर के रूप में हुई है। दाहोद के पुलिस अधीक्षक रविराजसिंह जाडेजा ने बताया कि चंपा राठवा का इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि महिला ने पूछताछ में घरेलू समस्या के चलते परेशान होने की बात कही। दूसरी घटना दाहोद शहर के गोदी रोड इलाके में हुई। एक पुलिस कांस्टेबल की पत्नी अवनि उपाध्याय ने अपने 2 नाबालिग बेटों को जहर देकर खुद भी जहर खा लिया। दोनों बेटों 12 साल के श्लोक और 2 साल के रुद्र की मौत हो गई, जबकि अवनि की हालत गंभीर बताई जा रही है।
अवनि के बड़े बेटे को थीं मानसिक समस्याएं
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तीनों को तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधीक्षक जाडेजा ने बताया, 'हमें पता चला है कि 12 वर्षीय बेटा श्लोक को कुछ मानसिक समस्याएं थीं, जिसकी वजह से घर में तनावपूर्ण माहौल और पति-पत्नी के बीच घरेलू विवाद बढ़ गए थे। महिला के होश में आने के बाद हम विस्तार से जांच करेंगे। घटना के सामने आने के बाद दोनों ही इलाकों में आसपास दहशत फैल गई और क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। पुलिस ने दोनों ही मामलों में जांच शुरू कर दी है।