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गांधीनगर में BJP फिर नंबर-1, AAP को एक भी सीट नहीं; कांग्रेस ने बढ़ाई अपनी ताकत

गुजरात के गांधीनगर नगर निगम चुनाव में BJP ने 44 में से 38 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी है। कांग्रेस ने 5 सीटों के साथ अपनी स्थिति बेहतर की है, जबकि AAP का खाता नहीं खुला।

Gandhinagar Election Results 2026, Gandhinagar Municipal Corporation Election- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV/PTI/ANI बीजेपी ने एक बार फिर गांधीनगर में अपना परचम लहराया है, जबकि कांग्रेस और AAP को निराशा हाथ लगी है।

Highlights

  • BJP ने 44 में से 38 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस 5 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही।
  • AAP का खाता नहीं खुला, उसका वोट शेयर करीब 21.77 फीसदी से घटकर 4.38 फीसदी रह गया।
  • 2011 में कांग्रेस जीती थी, 2016 में बराबरी रही और 2021 से BJP का दबदबा कायम है।

गांधीनगर: गुजरात की राजधानी गांधीनगर नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर बड़ी जीत दर्ज की है। नगर निगम की 44 सीटों पर आए नतीजों में BJP ने 38 सीटें जीतकर सत्ता पर अपना कब्जा बरकरार रखा। वहीं, कांग्रेस को पांच सीटें मिलीं, जबकि एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई। आम आदमी पार्टी इस बार अपना खाता भी नहीं खोल पाई। 2021 के चुनाव में उसे एक सीट मिली थी। इन नतीजों में BJP के दबदबे के साथ कांग्रेस की वापसी और AAP के कमजोर प्रदर्शन की तस्वीर भी दिखाई देती है।

2026 में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं?

गांधीनगर नगर निगम की 44 सीटों पर 11 वार्डों में चुनाव हुए। नतीजों में BJP को 38 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की। एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई। वोट शेयर के दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, BJP को 56.64 फीसदी, कांग्रेस को 37.05 फीसदी और AAP को 4.38 फीसदी वोट मिले। अन्य उम्मीदवारों का वोट शेयर 1.92 फीसदी रहा। इस तरह सीटों के मामले में BJP सबसे आगे रही, जबकि कांग्रेस ने पिछली बार के मुकाबले अपनी स्थिति बेहतर की।

AAP का सफाया, कांग्रेस को मिली बढ़त

इस चुनाव में AAP के लिए नतीजे निराशाजनक रहे। 2021 में एक सीट जीतने वाली पार्टी इस बार एक भी सीट नहीं जीत सकी। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, उसका वोट शेयर भी पिछले चुनाव के करीब 21.77 फीसदी से घटकर 4.38 फीसदी रह गया। यानी इसमें लगभग 17.39 प्रतिशत अंकों की गिरावट आई। दूसरी ओर, BJP का वोट शेयर 2021 के 46.49 फीसदी से बढ़कर 56.64 फीसदी हो गया। कांग्रेस का वोट शेयर भी 28.02 फीसदी से बढ़कर 37.05 फीसदी पहुंच गया। हालांकि, वोट शेयर में बढ़ोतरी के बावजूद कांग्रेस पांच सीटों पर ही सिमट गई।

2026 में बढ़ा मतदान, 59.25 फीसदी वोटिंग

राज्य चुनाव आयोग के अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक, गांधीनगर नगर निगम चुनाव में 59.25 फीसदी मतदान हुआ। 2021 के चुनाव में मतदान का आंकड़ा 56.24 फीसदी था। इस तरह इस बार मतदान में करीब तीन प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अधिक मतदान के बावजूद BJP ने नगर निगम में अपना बहुमत बरकरार रखा। वहीं, कांग्रेस ने अपनी सीटें दो से बढ़ाकर पांच कर लीं। AAP को एक भी सीट नहीं मिली। इन नतीजों ने गांधीनगर की स्थानीय राजनीति में तीनों प्रमुख दलों की मौजूदा स्थिति को साफ कर दिया है।

2021 में BJP ने जीती थीं 41 सीटें

गांधीनगर नगर निगम का तीसरा चुनाव अक्टूबर 2021 में हुआ था। यह चुनाव पहले अप्रैल में होना था, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे टाल दिया गया था। नए परिसीमन के बाद सीटों की संख्या बढ़ाकर 44 कर दी गई थी। उस चुनाव में BJP ने 41 सीटें जीतकर बड़ी जीत दर्ज की थी। कांग्रेस को केवल दो सीटें मिली थीं, जबकि AAP ने एक सीट जीती थी। वोट शेयर में BJP को करीब 46.49 फीसदी, कांग्रेस को 28.02 फीसदी और AAP को 21.77 फीसदी वोट मिले थे। इस चुनाव में BJP ने स्थानीय निकाय पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी।

2016 में BJP और कांग्रेस के बीच बराबरी

गांधीनगर नगर निगम का दूसरा चुनाव अप्रैल 2016 में हुआ था। उस समय निगम में कुल 32 सीटें थीं। चुनाव के नतीजों में BJP और कांग्रेस के बीच कांटे का मुकाबला देखने को मिला। दोनों पार्टियों ने 16-16 सीटें जीती थीं। इस तरह किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। इसके बाद कांग्रेस के बागी नेता प्रवीण पटेल ने BJP का समर्थन किया और अंततः मेयर पद संभाला। इस घटनाक्रम के बाद नगर निगम की सत्ता BJP के हाथ में चली गई। यह चुनाव गांधीनगर की राजनीति में अहम मोड़ साबित हुआ, क्योंकि सीटों की बराबरी के बावजूद सत्ता का समीकरण बदल गया।

2011 में कांग्रेस ने बनाई थी पहली बार सरकार

गांधीनगर नगर निगम का पहला आधिकारिक चुनाव अप्रैल 2011 में हुआ था। निगम के गठन के बाद हुए इस चुनाव में कुल 33 सीटें थीं। कांग्रेस ने 18 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया, जबकि BJP को 15 सीटें मिली थीं। कांग्रेस के महेंद्रसिंह राणा गांधीनगर के पहले मेयर बने। इस चुनाव को NRI यानी विदेश में रहने वाले भारतीय मतदाताओं के लिए ऑनलाइन वोटिंग प्लेटफॉर्म की सुविधा देने वाले शुरुआती चुनावों में भी गिना गया। हालांकि, कांग्रेस का सत्ता पर कब्जा ज्यादा समय तक नहीं रहा। 2012 में मेयर समेत कांग्रेस के तीन पार्षद BJP में शामिल हो गए, जिसके बाद नगर निगम की सत्ता BJP के पास चली गई।

15 साल में कैसे बदला गांधीनगर का चुनावी गणित?

गांधीनगर नगर निगम के चुनावी इतिहास पर नजर डालें तो यहां राजनीतिक समीकरण लगातार बदलते रहे हैं। 2011 में कांग्रेस ने 18 सीटें जीतकर शुरुआत की थी। 2016 में BJP और कांग्रेस 16-16 सीटों पर बराबर रहीं, लेकिन बाद में राजनीतिक दल-बदल से BJP सत्ता में आ गई। 2021 में BJP ने 44 में से 41 सीटें जीतकर अपना दबदबा दिखाया। अब 2026 में BJP ने 38 सीटों के साथ सत्ता बरकरार रखी है। कांग्रेस ने 5 सीटों के साथ अपनी स्थिति सुधारी है, जबकि AAP का खाता बंद हो गया। नतीजे बताते हैं कि BJP का दबदबा कायम है, हालांकि उसकी सीटें पिछली बार से 3 कम हुई हैं।

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