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गुजरात: 27 साल का युवक निकाल रहा जानवरों जैसी आवाजें, हॉस्पिटल में कराया गया एडमिट, बचने की उम्मीद बहुत कम, जानें वजह

गुजरात के पालनपुर में एक 27 साल के युवक को रेबीज होने की बात सामने आई है। ये युवक पशु जैसी आवाजें निकाल रहा है और असामान्य व्यवहार कर रहा है।

Gujarat- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK/REPRESENTATIVE PIC 27 साल के युवक के असामान्य व्यवहार की वजह से हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया

पालनपुर: गुजरात के पालनपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक को शनिवार को गंभीर हालत में हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया। ये युवक पशुओं की तरह आवाजें निकाल रहा था और उसका व्यवहार असामान्य था। मिली जानकारी के मुताबिक, इस युवक को 3 महीने पहले कुत्ते ने काटा था।

क्या है पूरा मामला?

27 साल के एक युवक को 3 महीने पहले कुत्ते ने काटा था लेकिन इस युवक में रेबीज के संक्रमण के गंभीर लक्षण बहुत बाद में उभरे। इसके बाद उसे शनिवार को बनासकांठा जिले के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल से जुड़े डॉ.सुनील जोशी ने बताया कि मरीज की पहचान पालनपुर के नरसाल गांव में काम करने वाले देवा डूंगरी के रूप में हुई है।

डॉक्टर ने बताया कि युवक को देर रात करीब 3 बजे उसे बनास मेडिकल कॉलेज और जनरल अस्पताल लाया गया था। डॉक्टर का कहना है कि मरीज के बचने की संभावना ना के बराबर है। वह असामान्य था और पशु जैसी आवाजें निकाल रहा था। 

क्या कुत्ते के काटने से होता है रेबीज?

हां, कुत्ते के काटने से इंसान को रेबीज हो सकता है। WHO का मानना है कि दुनिया में सबसे ज्यादा रेबीज के मामले कुत्तों द्वारा काटने के बाद ही सामने आते हैं। लेकिन यहां ये ध्यान रखना जरूरी है कि केवल उसी कुत्ते के काटने से रेबीज होता है, जो खुद रेबीज से संक्रमित हो। हर कुत्ते के काटने से रेबीज नहीं होता है। इसीलिए कुत्तों का वैक्सीनेशन कराना जरूरी माना जाता है। इससे कुत्ते के अलावा वो लोग भी सामान्य रह पाते हैं, जिन्हें कुत्ते ने काटा हो।

भारत में आवारा कुत्तों की संख्या ज्यादा है। ऐसे में रेबीज फैलने का खतरा भी ज्यादा है। अगर भारत में आपको कोई राह चलते कुत्ता काट ले तो फौरन हॉस्पटल जाएं और इंजेक्शन लगवाएं। सिर्फ कुत्ते के काटने से ही नहीं बल्कि संक्रमित कुत्ते की लार, खुली चोट, खरोंच अगर इंसान की आँख, नाक या मुंह में जाती है, तो भी रेबीज का खतरा हो सकता है।